जागृत भारत,पटना : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजधानी पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में जन सुराज के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को उपचुनाव से पहले भाजपा के लिए राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।
मिलन समारोह में जन सुराज के नेता अविनाश प्रताप रूडी, जिला पार्षद रूबी गुप्ता, रूबी सिंह समेत बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाजपा का दामन थामा। बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत करते हुए उन्हें सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर प्रमोद चंद्रवंशी ने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के नेता लगातार भाजपा से जुड़ रहे हैं। उनके अनुसार, यह भाजपा की नीतियों और जनसमर्थन का प्रमाण है।
मंत्री ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और जनसेवा की विचारधारा पर चलने वाला संगठन है, जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी नए सदस्यों का स्वागत है और उनका अनुभव संगठन को और मजबूत करेगा। प्रमोद चंद्रवंशी ने जन सुराज पर भी तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता जन सुराज को नकारने का मन बना चुकी है और चुनाव में उसकी जमानत तक जब्त हो सकती है।
उधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव से पहले जन सुराज के नेताओं का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इससे पहले भी जन सुराज के कुछ नेताओं के भाजपा में शामिल होने की चर्चा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि इसे चुनावी रणनीति और राजनीतिक दबाव की राजनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, विपक्षी दलों और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी भी दल में नेताओं के शामिल होने या छोड़ने से चुनावी परिणाम का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता। उनका कहना है कि अंतिम फैसला बांकीपुर की जनता मतदान के दिन करेगी। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी के और तेज होने की संभावना है, जिससे बिहार की राजनीति का माहौल और गर्माने के आसार हैं।
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