Breaking News

बिहार के शिक्षकों के लिए नया नियम: स्कूल परिसर से बाहर शौच के लिए गए तो कट सकती है हाजिरी

Published on: June 21, 2026
New for Bihar teachers

जागृत भारत,पटना : बिहार सरकार स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही ऐसी निगरानी व्यवस्था लागू की जा सकती है, जिसके तहत स्कूल समय के दौरान परिसर से बाहर जाने वाले शिक्षकों की उपस्थिति प्रभावित हो सकती है।

एआई मॉनिटरिंग सिस्टम लाने की तैयारी

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा विभाग स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने पर काम कर रहा है। उनके अनुसार, यदि कोई शिक्षक स्कूल परिसर की सीमा से बाहर जाता है, तो उसकी उपस्थिति पर असर पड़ सकता है।

मंत्री ने कहा कि यदि कोई शिक्षक स्कूल परिसर से बाहर जाता है और निर्धारित समय से अधिक अनुपस्थित रहता है, तो आधे दिन या पूरे दिन की उपस्थिति कटने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षकों से गंभीरता के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपील

अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका छात्रों के भविष्य निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए, क्योंकि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के नागरिक और नेतृत्वकर्ता बनेंगे।

साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों, जैसे वेतन विसंगति, एसीपी लाभ और पदोन्नति संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

पहले भी बढ़ी थीं शिक्षकों की जिम्मेदारियां

बिहार में शिक्षकों को पूर्व में कई गैर-शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी भी दी जाती रही है। मिड-डे मील से जुड़े प्रबंधन कार्यों से लेकर अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां शिक्षकों के हिस्से आती रही हैं। हालांकि शिक्षा विभाग में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद कई अतिरिक्त जिम्मेदारियों को कम करने की कोशिश की गई थी।

टॉयलेट सुविधाओं पर भी उठ रहे सवाल

शिक्षा मंत्री के बयान के बाद स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, खासकर शौचालयों की स्थिति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई सरकारी स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि शिक्षकों और छात्रों से स्कूल परिसर के भीतर ही सुविधाओं का उपयोग करने की अपेक्षा की जाती है, तो स्कूलों में स्वच्छ और उपयोगी शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

अनुशासन और सुविधाओं के बीच संतुलन जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और समयपालन शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि इसके साथ-साथ स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा, ताकि अनुशासनात्मक उपायों के साथ शिक्षकों और छात्रों के लिए बेहतर कार्य और अध्ययन वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।


इसे भी पढ़ें : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर कानूनी बहस तेज, महेश जेठमलानी ने प्रियांक खरगे के सवालों को बताया ‘राजनीतिक’


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

At Gorakhpur University

गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ बने सांसद रवि किशन, पहली क्लास में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Before the Bankipur by-election, people

बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को झटका, कई नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

Clutches of law after 27 years

27 साल बाद कानून के शिकंजे में आया दोहरे हत्याकांड का आरोपी, पहचान बदलकर भोपाल में ‘जमील’ बनकर रह रहा था

Parliament's monsoon session begins on Monday

सोमवार से संसद का मानसून सत्र, सरकार-विपक्ष आमने-सामने; कई अहम विधेयकों और विवादित मुद्दों पर टकराव के आसार

Iran's Supreme Leader on America

ईरान के सर्वोच्च नेता का अमेरिका पर हमला, बोले- ‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं, अमेरिका को मिलेगा जवाब’

Deoria Anganwadi workers in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

Leave a Reply

error: Content is protected !!