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अयोध्या को मिला 52 एकड़ का भव्य सांस्कृतिक उपहार: वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय पर कैबिनेट की मुहर, संत समाज खुश

Published on: December 3, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): योगी सरकार ने अयोध्या में प्रस्तावित विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के लिए अतिरिक्त भूमि आवंटित कर दी है। फैसले के बाद रामनगरी में खुशी की लहर दौड़ गई है। संत समाज, स्थानीय व्यापारी व अयोध्यावासी इसे शहर को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।


कैबिनेट ने बढ़ाया संग्रहालय क्षेत्र, अब 52.102 एकड़ में होगा विकास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय को अब दोगुने से भी अधिक क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। नई योजना के तहत—

  • कुल भूमि : 52.102 एकड़

  • निर्माण व संचालन : टाटा सन्स (CSR फंड से)

मंदिर संग्रहालय से जुड़े सभी कार्य गैर-लाभकारी मॉडल पर होंगे।


टाटा सन्स बनाएगी गैर-लाभकारी SPV, केंद्र-प्रदेश सरकार भी होगी शामिल

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) बनाएगी। इसमें—

  • केंद्र सरकार के प्रतिनिधि

  • यूपी सरकार के प्रतिनिधि

  • टाटा सन्स के सदस्य

शामिल रहेंगे। इसके लिए भारत सरकार, यूपी सरकार और टाटा सन्स के बीच 3 सितंबर 2024 को पहले ही त्रिपक्षीय एमओयू साइन हो चुका है।


अतिरिक्त 27.102 एकड़ भूमि हस्तांतरण, 52 एकड़ में आकार लेगा विशाल परिसर

सरकार ने पहले 25 एकड़ नजूल भूमि देने की अनुमति दी थी। लेकिन टाटा सन्स ने संग्रहालय की भव्यता और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अधिक भूमि की मांग की। इसके आधार पर—

  • 27.102 एकड़ अतिरिक्त भूमि

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग को स्थानांतरित की जाएगी। इस प्रकार पूरा संग्रहालय परिसर 52.102 एकड़ में विकसित होगा — जो अयोध्या की पहचान का नया प्रतीक बनने जा रहा है।


संत समाज ने कहा—योगी सरकार अयोध्या का गौरव पुनर्स्थापित कर रही

संत दिवाकराचार्य ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से—

  • अयोध्या का सांस्कृतिक गौरव पुनर्जीवित हो रहा

  • शहर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही

  • स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे

उन्होंने कहा कि मंदिर संग्रहालय अयोध्या की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करेगा।


अयोध्या को मिलेगा नया सांस्कृतिक लैंडमार्क

प्रस्तावित संग्रहालय के तैयार होने से अयोध्या को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा। सरकार के अनुसार—

  • हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार

  • विदेशों व देशभर से पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी

  • युवाओं व शोधकर्ताओं के लिए नया आकर्षण

अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद प्रतिदिन 2–4 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। संग्रहालय इस पर्यटन प्रवाह को नई दिशा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।


स्थानीय व्यापारियों ने जताई खुशी, बोले—अयोध्या का सौभाग्य

अयोध्या व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि—

  • 52 एकड़ के भव्य संग्रहालय का निर्माण अयोध्या का सौभाग्य है।

  • संग्रहालय में श्रीराम के जीवन चरित्र का दर्शन लाखों पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

  • पर्यटन बढ़ने से स्थानीय रोजगार में भारी बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने कहा कि अयोध्यावासी इस निर्णय से अत्यंत उत्साहित हैं और इसे शहर के भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं।

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