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आजमगढ़ में दर्दनाक हादसा: अलाव जलाकर कमरे में सो रहे ट्रैफिक सिपाही की दम घुटने से मौत

Published on: December 30, 2025
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जागृत भारत | आजमगढ़(Azamgarh): जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित कोलघाट मोहल्ले में रविवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी (अलाव) जलाकर सो रहे ट्रैफिक सिपाही की दम घुटने से मौत हो गई। बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।


मृतक की पहचान रंजीत मौर्या के रूप में

हादसे में जान गंवाने वाले ट्रैफिक सिपाही की पहचान रंजीत मौर्या के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बलिया जिले के निवासी थे और वर्तमान में आजमगढ़ में ट्रैफिक पुलिस में तैनात थे। रंजीत मौर्या अपने कार्य के प्रति जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ माने जाते थे। उनकी अचानक हुई मृत्यु से परिवार, सहकर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।


अंगीठी जलाकर सोने से कमरे में हुई ऑक्सीजन की कमी

स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार रात कड़ाके की ठंड के कारण रंजीत मौर्या ने अपने कमरे में अलाव जलाया और सोने चले गए। कमरा बंद होने की वजह से धीरे-धीरे भीतर ऑक्सीजन की मात्रा कम होती चली गई। इसी दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और दम घुटने से उनकी हालत बिगड़ गई।


सुबह बेहोश मिले, अस्पताल में किया गया मृत घोषित

सोमवार सुबह जब काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई तो लोगों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर रंजीत मौर्या बेहोशी की हालत में पड़े मिले। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, मौत का कारण दम घुटना और ऑक्सीजन की कमी बताया गया है।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रंजीत मौर्या के परिवार में उनके माता-पिता और पत्नी शामिल हैं। उनकी आकस्मिक मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा उनके परिवार के लिए एक ऐसा सदमा बनकर आया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।


प्रशासन ने जताया दुख, मदद का दिया आश्वासन

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने मृतक के परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। पुलिस विभाग में भी इस हादसे को लेकर शोक व्यक्त किया गया है और सहकर्मियों ने रंजीत मौर्या को श्रद्धांजलि दी है।


सर्दियों में अलाव के उपयोग पर उठे गंभीर सवाल

यह घटना एक बार फिर सर्दियों में बंद कमरे में अंगीठी या अलाव जलाने के खतरे को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हीटिंग उपकरणों का उपयोग करते समय उचित वेंटिलेशन बेहद जरूरी है, खासकर जब लोग सो रहे हों। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।


सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत

इस हादसे ने आम लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सर्दियों में गर्म रहने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों के साथ-साथ सुरक्षा और सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना से सबक लेते हुए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई है।


स्थानीय लोगों ने दी श्रद्धांजलि

रंजीत मौर्या की आकस्मिक मृत्यु पर मोहल्ले के लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

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