Breaking News

“सुबह शादी, शाम को करवाचौथ मनाया — रात में 12 दुल्हनें ज्वैलरी लेकर फरार; अलीगढ़ पुलिस दलालों की तलाश में”

Published on: October 12, 2025
aligarh-12-dulhanen-farard-jewellery-case

अलीगढ़, 12 अक्टूबर 2025 यह कहानी सुनने में हैरान कर देने वाली है — एक ही दिन में शादी, व्रत, और फिर अपहरण। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के इगलास क्षेत्र में दर्ज 12 दुल्हनों के जेवरात लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। सुबह विवाह संपन्न हुआ, शाम को करवा चौथ का व्रत किया गया, और रात में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

कैसे हुई घटना?

जानकारी के अनुसार घटना अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र की है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दलालों ने बिहार से 12 युवतियों को लाकर विवाह कार्यक्रम की व्यवस्था की थी। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें इन युवतियों के लिए ₹1.20 लाख और ₹1.30 लाख जैसी धनराशि ऑनलाइन या नकद दी गई।

शादी की रस्में सुबह हुईं। चूंकि उसी दिन करवा चौथ भी था, दुल्हनें व्रत पर रहीं और शाम को चंद्र दर्शन करके व्रत खोला गया। इसके बाद रात को आरोप है कि दुल्हनें अपने परिवार वालों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दीं। परिवार वाले बेहोश हो गए। जब वे होश में आए, तो देखा कि दुल्हनें और उनके जेवरात गायब हैं।

परिवारों की प्रतिक्रिया और शिकायत

जब यह घटना उजागर हुई, चार परिवार ऐसे थे जिन्होंने तत्काल पूर्व मेयर शकुंतला भारती से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। 
मथुरा रोड के निवासी निहाल शर्मा और उनके बेटा प्रतीक शर्मा ने बताया कि उन्हें इगलास में एक सचिन नामक व्यक्ति ने बुलाया था, जहां कई परिवारों को एक साथ दिखाया गया। कुछ परिवारों ने कहा कि सामाजिक शर्म (लोकलाज) के भय से उन्होंने तुरंत रिपोर्ट नहीं कराई। ऐसे में पूरा मामला देर से सामने आया।

पुलिस की कार्रवाई

अलीगढ़ पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि अभी तक केवल चार परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई है, बाकी परिवार भय या दबाव में चुप हैं। 
पुलिस दलालों की पहचान और गिरफ्तारी हेतु सक्रिय हो गई है। इगलास क्षेत्र में छापे और पड़ताल जारी है।

क्या यह केवल लूट ही है, या कहीं कोई और साजिश ?

यह मामला सिर्फ गहने-चोरी या लूट ही नहीं दिखता — बल्कि संगठित दलाली, फर्जी वादे और भावनात्मक धोखे की पड़ताल करना आवश्यक है।

  • दलालों द्वारा युवतियों को बिहार से लाना और उनकी शादी तय करना — यह संकेत हो सकता है कि युवतियों को पूर्व योजना के तहत तैयार किया गया था।

  • नशीले पदार्थों के द्वारा बेहोश करना और फिर ज्वैलरी लेना — यह गंभीर आपराधिक गतिविधि है।

  • कई परिवारों का चुप रहना — सामाजिक दबाव, डर और धन की शेलियों की वजह हो सकती है।

  • पुलिस और अभियोजन पर दबाव होगा कि वे इस घटना को सार्वजनिक विश्वास दिलाएं कि अपराधियों पर कार्रवाई होगी।

Highlights (उल्लेखनीय बिंदु)

  • सुबह विवाह संपन्न, शाम को करवाचौथ व्रत पूरा किया और रात में नशीले पदार्थ देकर जेवरात लेकर 12 दुल्हनें गायब।

  • मामला अलीगढ़ ज़िले के इगलास क्षेत्र का, जहां परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई।

  • आरोप है कि दलालों ने पहले दुल्हनें बिहार से लाईं, फिर ₹1–1.3 लाख तक की राशि वसूली।

  • चुप रहने वाले कई परिवार सामाजिक लोकलाज के कारण बाहर नहीं आए।

  • पुलिस ने दलालों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापे शुरू कर दिए।

निष्कर्ष

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि कैसे धार्मिक अवसरों या पारिवारिक उत्सवों का उपयोग अपराधियों द्वारा किया जाता है।
12 दुल्हनें रातों रात गायब होना किसी साधारण मामला नहीं — यह सामाजिक, मानसिक, कानूनी और सुरक्षा चुनौती है।
अगले कुछ दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस कितनी तेज़ी से दलालों को पकड़ पाती है और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलता है या नहीं।


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!