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गोरखपुर के फर्जी पते पर बना पंजाब के गैंगस्टर का पासपोर्ट, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Published on: July 30, 2026
on a fake address in Gorakhpur

जागृत भारत,गोरखपुर : पंजाब के एक कुख्यात गैंगस्टर का उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पते पर कथित रूप से फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गए हैं। मामले के सामने आने के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने वाले संभावित नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला, जो पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है, हाल ही में इंडोनेशिया से गिरफ्तार किया गया। उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था। जांच में सामने आया कि उसने गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र के एक पते का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाया और बाद में विदेश फरार हो गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पंजाब पुलिस की एक टीम गोरखपुर पहुंची और संबंधित पते पर जांच-पड़ताल की। अब स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को गोरखपुर का पता किसने उपलब्ध कराया और पासपोर्ट के लिए कथित फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए।

बड़े नेटवर्क की आशंका

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले के पीछे फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी के तहत पासपोर्ट आवेदन, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट और अन्य पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का प्रयास यह भी है कि पता लगाया जाए कि क्या इसी तरह अन्य लोगों के भी आधार कार्ड, पासपोर्ट या अन्य सरकारी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

गोरखपुर में इससे पहले भी फर्जी दस्तावेजों के कई मामले सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा कर रही हैं, जिनमें कथित रूप से फर्जी पहचान के आधार पर सरकारी दस्तावेज जारी किए गए थे। यदि किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार, जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, बलवा, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध सहित 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। उसे एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान के तहत भारत लाया गया।

पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी

फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि फर्जी पासपोर्ट बनवाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही, उसके संपर्क किस नेटवर्क से थे और क्या अन्य अपराधियों ने भी इसी तरीके का इस्तेमाल किया।

गोरखपुर के एसपी सिटी निमिष पाटिल ने कहा कि जिस पते का उपयोग कर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया गया, उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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