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उत्तर प्रदेश : नेपाल से ब्याह कर आईं महिलाएं नहीं बन पाएंगी मतदाता, नागरिकता के बिना वोटिंग का अधिकार नहीं

Published on: February 3, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच नेपाल से शादी कर आई महिलाओं के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग के अनुसार, नेपाल की महिलाएं भारतीय नागरिकों से विवाह के बाद यहां की वैध निवासी तो मानी जाएंगी, लेकिन भारतीय नागरिकता के बिना मतदाता नहीं बन सकेंगी

निवासी होने के बावजूद वोटिंग का अधिकार नहीं

चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। नेपाल से विवाह कर यूपी में बसने वाली महिलाएं जब तक भारतीय नागरिकता नहीं लेतीं, तब तक वे वोट डालने या मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की पात्र नहीं होंगी।

यूपी-नेपाल के जिलों में गहरे वैवाहिक संबंध

भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता बेहद मजबूत है। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जैसे सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में नेपाली महिलाओं के विवाह भारतीय नागरिकों से हुए हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि विवाह के बाद भी नेपाली महिलाएं भारतीय नागरिक नहीं मानी जातीं, जब तक वे विधिवत नागरिकता न लें।

भारतीय नागरिकता लेने के लिए क्या हैं शर्तें

नेपाली महिलाओं को विवाह के बाद भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आवेदन करना होता है। इसके लिए:

  • भारत में लगातार सात साल निवास का प्रमाण

  • विवाह का वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र

  • आवासीय दस्तावेज
    अनिवार्य हैं। यह प्रक्रिया जिलाधिकारी, राज्य गृह विभाग और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के माध्यम से पूरी होती है।

बच्चों को मिलेगा भारतीय नागरिक होने का अधिकार

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नेपाली महिला तय मानकों के अनुसार नागरिकता ले लेती है, तो उसके बच्चे भारतीय नागरिक माने जाएंगे और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा।

भारत में जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम

भारत में जन्मे व्यक्तियों के लिए नागरिकता के नियम इस प्रकार हैं:

  • 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म: स्वतः भारतीय नागरिक

  • 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म: माता-पिता में से एक का भारतीय नागरिक होना जरूरी

  • 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म: एक अभिभावक भारतीय नागरिक और दूसरा वैध रूप से भारत में रह रहा हो

नेपाल संधि के बावजूद वोटिंग के लिए नागरिकता जरूरी

भारत-नेपाल संधि के तहत नेपाली नागरिक भारत में वैध निवासी माने जाते हैं, लेकिन मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को ही प्राप्त है। यही वजह है कि नेपाल से आई बहुएं नागरिकता के बिना वोटर नहीं बन सकतीं।

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