जागृत भारत | बरेली( Bareilly): जनपद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने प्रशासन और राजनीतिक दलों दोनों को हैरान कर दिया है। शहर के एक मतदान केंद्र पर दर्ज 1123 मतदाताओं में से सिर्फ 102 मतदाता ही पात्र पाए गए, जबकि शेष नाम या तो अपात्र निकले या फिर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनका कोई लिंक ही नहीं मिला।
यह मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित इलाकों में दोबारा सघन सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है।
कैंट और नगर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
एसआईआर के तहत की जा रही जांच में सामने आया है कि बरेली के कैंट और नगर विधानसभा क्षेत्रों में अपात्र मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे नाम पाए गए हैं, जो मृतक, स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित श्रेणी में आते हैं।
इसके अलावा बड़ी तादाद में ऐसे मतदाता भी मिले हैं, जिनका वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट से कोई रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा, जिसे नो मैपिंग की श्रेणी में रखा गया है।
1123 में से 544 मतदाताओं का नहीं मिला कोई रिकॉर्ड
बरेली शहर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 211 पर कुल 1123 मतदाता दर्ज हैं। जांच में पता चला कि इनमें से 544 मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से कोई भी लिंक नहीं मिला। वहीं 477 मतदाता एएसडी यानी मृतक, शिफ्टेड या अनुपस्थित की श्रेणी में पाए गए।
इस तरह इस बूथ पर केवल 102 मतदाता ही ऐसे बचे, जिनके अभिलेख पूरी तरह सही और पात्र पाए गए।
अन्य बूथों पर भी हालात चिंताजनक
जांच के दौरान अन्य बूथों पर भी इसी तरह की स्थिति सामने आई। बूथ संख्या 187 पर 1049 मतदाताओं में से 477 मतदाता नो मैपिंग और 388 अपात्र पाए गए। बूथ संख्या 143 पर 956 मतदाताओं में 428 नो मैपिंग और 371 अपात्र मिले। बूथ संख्या 152 पर 1225 मतदाताओं में से 543 नो मैपिंग और 530 अपात्र की श्रेणी में दर्ज किए गए।
लगातार सामने आ रहे इन आंकड़ों ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की ली जा रही मदद
उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह के अनुसार जिन बूथों पर अपात्र और नो मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, वहां सत्यापन के लिए राजनीतिक दलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
पार्षदों की सक्रिय भूमिका से बीएलओ का काम आसान हो रहा है। कई ऐसे मतदाता भी मिल रहे हैं, जो पहले छूट गए थे लेकिन वास्तव में पात्र हैं।
नए मतदाताओं के नाम भी जोड़े जा रहे
प्रशासन की ओर से उन युवाओं से भी आवेदन लिए जा रहे हैं, जिनकी उम्र एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो रही है। पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए गणना प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं ताकि आगामी चुनावों में कोई योग्य मतदाता वंचित न रह जाए।
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