Breaking News

नववर्ष 2026 में 13 पूर्णिमा का दुर्लभ संयोग: विष्णु-लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने का सुनहरा अवसर

Published on: December 29, 2025
new-year-2026-13-purnima-rare-yog-vishnu-lakshmi-kripa

जागृत भारत | अध्यात्म व राशिफल : नए साल 2026 में श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ धार्मिक संयोग बनने जा रहा है। विक्रम संवत 2083 में ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) पड़ने के कारण वर्ष 2026 में सामान्य 12 के बजाय 13 पूर्णिमा होंगी। यह संयोग भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में पूर्णिमा को अत्यंत पावन तिथि माना गया है। इस दिन व्रत, स्नान, दान-पुण्य, जप-तप, ध्यान और सत्संग का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि पूर्णिमा पर किए गए धार्मिक कर्म कई गुना फल प्रदान करते हैं। आमतौर पर हर वर्ष 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन अधिमास पड़ने वाले वर्षों में यह संख्या 13 हो जाती है।

ज्येष्ठ अधिकमास से बना विशेष संयोग

ज्योतिषाचार्य पंडित नवनीत शर्मा के अनुसार, विक्रम संवत 2083 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इसी कारण वर्ष 2026 में एक अतिरिक्त पूर्णिमा जुड़ रही है, जिससे यह वर्ष आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।

विष्णु-लक्ष्मी और चंद्र पूजा का बढ़ेगा महत्व

पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और चंद्रमा की पूजा का विशेष विधान है। माना जाता है कि इस वर्ष 13 पूर्णिमा होने से साल भर धन, वैभव, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के अवसर बढ़ेंगे। खासकर ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का धार्मिक महत्व अत्यधिक रहेगा।


2026 की प्रमुख पूर्णिमा तिथियां

  • पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी (शनिवार)

  • माघ पूर्णिमा – 1 फरवरी (रविवार)

  • फाल्गुन पूर्णिमा – 3 मार्च (मंगलवार)

  • चैत्र पूर्णिमा – 1 अप्रैल (व्रत) / 2 अप्रैल (स्नान-दान)

  • वैशाख पूर्णिमा – 1 मई (शुक्रवार)

  • ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा (पुरुषोत्तम मास) – 30 मई (शनिवार)

  • ज्येष्ठ पूर्णिमा – 29 जून (सोमवार)

  • आषाढ़ पूर्णिमा – 29 जुलाई (बुधवार)

  • श्रावण पूर्णिमा – 27 अगस्त (व्रत) / 28 अगस्त (स्नान-दान)

  • भाद्रपद पूर्णिमा – 26 सितंबर (शनिवार)

  • शरद पूर्णिमा – 25 अक्टूबर (व्रत) / 26 अक्टूबर (स्नान-दान)

  • कार्तिक पूर्णिमा – 24 नवंबर (मंगलवार)

  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा – 23 दिसंबर (बुधवार)


क्यों माना जा रहा है यह संयोग खास

  • अधिकमास का प्रभाव: लगभग हर 32 महीने में अधिकमास आता है, जिससे उस वर्ष 13 पूर्णिमा होती हैं।

  • पुरुषोत्तम मास: यह मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है, इसमें किए गए पुण्य कर्म विशेष फल देते हैं।

  • धार्मिक अवसरों में वृद्धि: पूरे वर्ष व्रत, दान और साधना के लिए अधिक शुभ तिथियां मिलेंगी।

  • लक्ष्मी-विष्णु कृपा: 13 पूर्णिमा होने से धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति का विशेष योग बनेगा।


ज्योतिषाचार्य की राय

ज्योतिषाचार्य पंडित नवनीत शर्मा का कहना है कि वर्ष 2026 में बनने वाला यह अधिकमास का संयोग अत्यंत दुर्लभ और पावन है। पुरुषोत्तम मास को भक्ति, तप और साधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस मास में व्रत, जप और धार्मिक नियमों का पालन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

बीट पुलिसिंग ने बदली गाजियाबाद की सुरक्षा तस्वीर: 2.64 लाख नागरिक बने पुलिस की डिजिटल आंख

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Deoria Anganwadi workers in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

Regarding the demand for exemption from TET

TET से छूट की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी को सौंपा ज्ञापन

Assam Rifles soldier from Deoria Assam Rifles soldier from Deoria

देवरिया के असम राइफल्स जवान सत्येंद्र सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

Not getting selected in the interview

इंटरव्यू में चयन नहीं होने के कुछ घंटे बाद देवरिया के युवक की ग्रेटर नोएडा में मौत, जांच में जुटी पुलिस

Raja Raghuvanshi Honeymoon Murder Case

राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस: गिरफ्तारी के लिखित कारण पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, मामला बड़ी बेंच को भेजने के संकेत

10 million new ration cards will be issued in Bihar.

बिहार में बनेंगे 1 करोड़ नए राशन कार्ड, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध लक्ष्य

1 thought on “नववर्ष 2026 में 13 पूर्णिमा का दुर्लभ संयोग: विष्णु-लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने का सुनहरा अवसर”

Leave a Reply

error: Content is protected !!