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लखनऊ में प्रेरणा स्थल के पास चरने गईं भेड़ों पर टूटा कहर, सड़ा भोजन बना काल, 71 भेड़ों की मौत; 150 मरणासन, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

Published on: December 30, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां सड़ा हुआ भोजन खाने से 71 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि करीब 150 भेड़ें मरणासन अवस्था में पहुंच गईं। यह घटना राष्ट्र प्रेरणा स्थल की पार्किंग के पास हुई, जहां रविवार को चरने गईं भेड़ों ने चार दिन से पड़ा खराब और सड़ा भोजन खा लिया। प्राथमिक जांच में भेड़ों की मौत की यही वजह सामने आई है।


करीब 350 भेड़ों को लेकर चराने पहुंचे थे पालक

फतेहपुर जिले के ढकौली मदरिया गांव निवासी शिवरतन पाल के पास लगभग 350 भेड़ें हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर वह भेड़ों को चराने के लिए प्रेरणा स्थल की पार्किंग के पास पहुंचे थे। पार्किंग क्षेत्र में जगह-जगह फेंका हुआ भोजन पड़ा था, जिसे खाने के लिए भेड़ों को छोड़ दिया गया। शाम के समय सभी भेड़ों को घैला पुल के किनारे लाकर रोका गया।


रात में अचानक बढ़ी मौतें, परिजन हुए परेशान

रात करीब 12:30 बजे शिवरतन पाल का बेटा प्रदीप भेड़ों को देखने गया। कुछ देर बाद वह घबराया हुआ लौट आया और बताया कि करीब 10 भेड़ें मर चुकी हैं। यह सुनते ही शिवरतन पाल अपने अन्य बेटों अजय पाल और विजय पाल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भेड़ों को दवाइयां पिलाने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।

कुछ ही समय में लगभग 150 भेड़ें मरणासन अवस्था में पहुंच गईं और धीरे-धीरे 71 भेड़ों ने दम तोड़ दिया। भेड़ों की हालत देखकर पूरा परिवार सदमे में आ गया।


सूचना पर हरकत में आया प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग

सोमवार सुबह शिवरतन पाल ने गांव के लोगों की मदद से घैला चौकी प्रभारी राजदीप चौधरी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद इंस्पेक्टर मड़ियांव और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी सचान को सूचित किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अलीगंज सैय्यद अरीब अहमद, एसडीएम सदर मनोज सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार और इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।


इंजेक्शन और ग्लूकोज चढ़ाकर किया गया इलाज

दोपहर करीब 12 बजे डॉ. आरपी सचान अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उस समय 100 से अधिक भेड़ें मरणासन अवस्था में थीं। स्थिति को गंभीर देख ककौली से डॉ. ब्रजेश कुमार और लखनऊ से डॉ. वीरेंद्र कुमार को भी बुलाया गया।

चिकित्सा टीम ने भेड़ों को इंजेक्शन लगाए और ग्लूकोज चढ़ाया। शाम करीब 6:30 बजे तक पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर डटी रही। बावजूद इसके 71 भेड़ों की जान नहीं बचाई जा सकी।


डॉक्टरों ने बताई मौत की संभावित वजह

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी सचान ने बताया कि कई बार अधिक मात्रा में या खराब भोजन खाने से पशुओं का पेट फूल जाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और दम घुटने से मौत भी हो सकती है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मृत 71 भेड़ों को मौके के पास ही गड्ढा खोदकर दफना दिया गया है। मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा और विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा।


मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान, मुआवजे का ऐलान

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने भेड़ों की मौत की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रभावित पालक को प्रति मृत भेड़ 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है।


भेड़ों की मौत से परिवार पर टूटा आर्थिक संकट

शिवरतन पाल ने अधिकारियों को बताया कि भेड़ें ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन हैं। उन्होंने उधार लेकर भेड़ें खरीदी थीं। 71 भेड़ों की मौत से उनके परिवार पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। बेटे विजय पाल ने सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग की है।


लापरवाही का आरोप, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

घटनास्थल पर पहुंचीं सामाजिक संस्था आसरा द हेल्पिंग हैंड्स की संस्थापक अध्यक्ष चारु खरे ने कहा कि प्रेरणा स्थल की पार्किंग में फेंके गए भोजन का सही तरीके से निस्तारण नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण भेड़ों की मौत हुई है।

उन्होंने मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराकर मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि करने और यदि जहर या गंभीर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। संस्था की ओर से मड़ियांव पुलिस को तहरीर भी दी गई है।


प्रेरणा स्थल की सफाई एलडीए की जिम्मेदारी

राष्ट्र प्रेरणा स्थल का आउटर इलाका लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अंतर्गत आता है। इस पर नगर निगम के जोनल अधिकारी आकाश कुमार ने कहा कि वहां की सफाई की जिम्मेदारी एलडीए की है और उसकी ओर से सफाई कराई जाती है। वहीं एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।

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