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राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले पर इमरान मसूद का हमला, बोले- ‘आपकी नाक के नीचे लूट हो रही है’

Published on: July 9, 2026
Alleged offerings at the Ram Mandir

जागृत भारत,सहारनपुर : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मामले ने करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं, उस पर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा, “आप लूट कर रहे हो। आपकी नाक के नीचे लूट हो रही है। देश सब देख रहा है।” उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है और केवल बयान देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।

‘जिम्मेदारी से नहीं बच सकते’

भाजपा नेताओं की ओर से यह कहा गया है कि कांग्रेस की आपत्ति राम मंदिर से नहीं, बल्कि बाबरी मस्जिद की जगह राम मंदिर बनने से जुड़ी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि विपक्ष के इरादों पर सवाल उठाने के बजाय सरकार को आरोपों का जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “आप दूसरे का दर्द मत बताइए, पहले अपनी जिम्मेदारी निभाइए। आपकी नाक के नीचे कथित लूट हो रही है और आप जवाब देने से बच नहीं सकते।” मसूद का कहना था कि यदि किसी धार्मिक संस्था से जुड़े वित्तीय मामलों पर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

ट्रस्ट के ऑडिट पर उठाए सवाल

इमरान मसूद ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न धार्मिक और सार्वजनिक ट्रस्टों के संचालन में सरकार की निगरानी और ऑडिट की व्यवस्था होती है, लेकिन इस मामले में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जहां-जहां ट्रस्ट बने हैं, वहां सरकार की निगरानी रहती है और ऑडिट होता है। यहां ऐसा क्यों नहीं हो रहा? जब करोड़ों रुपये के दान और बहुमूल्य वस्तुओं की बात है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।” मसूद ने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता आवश्यक है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वक्फ कानून का भी किया जिक्र

अपने बयान के दौरान कांग्रेस सांसद ने वक्फ संपत्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वक्फ कानून में बदलाव कर पहले से मौजूद व्यवस्था को प्रभावित किया है। मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक संस्थाओं के मामलों में अलग-अलग मानदंड अपना रही है।

क्या है मामला?

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित गबन के आरोपों की जांच फिलहाल विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। पुलिस इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेजों और बरामद सामग्री की जांच कर रही हैं।

इस बीच, मामले को लेकर बढ़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी बदलाव हुए हैं। ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय ने पद छोड़ा है और उनकी जगह कृष्ण मोहन को नया महासचिव बनाया गया है। हालांकि, इन बदलावों और कथित चोरी के आरोपों के बीच संबंध को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

राम मंदिर से जुड़े इस मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। विपक्ष जहां मामले की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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