जागृत भारत | कानपुर देहात(Kanpur Dehat): जनपद के अकबरपुर थाना क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की आड़ में चल रहे संगठित धर्मांतरण गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस को क्षेत्रीय लोगों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के नाम पर अनुसूचित जाति के लोगों को धन, सामग्री और अन्य कीमती वस्तुओं का लालच देकर सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।
धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में 9 जनवरी 2026 को ग्राम निबौली निवासी श्रीरामभरोसे की तहरीर पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की सुसंगत धाराओं में मुकदमा संख्या 0012/2026 दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की गई।
औरैया-कानपुर हाईवे से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने 10 जनवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए ग्राम बाढ़ापुर स्थित नवाकान्ती (NAVA KANTHI) सोसायटी के पास, औरैया-कानपुर हाईवे से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—
डेनियल शरद सिंह, निवासी झांसी
हरिओम उर्फ हरिओम त्यागी, निवासी पातेपुर, अकबरपुर
सावित्री शर्मा, निवासी नेहरू नगर, अकबरपुर कस्बा
प्रशिक्षण केंद्र की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे ग्राम बाढ़ापुर में नवाकान्ती सोसायटी के नाम से एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहे थे। इस केंद्र का पंजीकरण आंध्र प्रदेश के पते पर कराया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रशिक्षण के बहाने अनुसूचित जाति के लोगों को केंद्र से जोड़ा जाता था, फिर उन्हें ईसाई धर्म के बारे में जानकारी देकर प्रलोभन के जरिए धर्म परिवर्तन कराया जाता था।
पादरी बनकर उपदेश देता था हरिओम त्यागी
पूछताछ के दौरान अभियुक्त हरिओम त्यागी ने स्वीकार किया कि वह खुद को पादरी बताकर धार्मिक उपदेश देता था और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था।
फंडिंग और हिसाब-किताब संभालता था डेनियल शरद सिंह
अभियुक्त डेनियल शरद सिंह संस्था के वित्तीय लेन-देन, विदेशी और घरेलू फंडिंग का पूरा लेखा-जोखा रखता था। पुलिस को उसके माध्यम से विदेशी फंडिंग से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं।
प्रधानाचार्य बनकर लोगों को जोड़ती थी सावित्री शर्मा
अभियुक्ता सावित्री शर्मा संस्था में प्रधानाचार्य की भूमिका निभा रही थी। वह
प्रार्थना सभाओं का आयोजन
दस्तावेजों का रख-रखाव
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए लोगों को संस्था से जोड़ने
का कार्य करती थी।
मोबाइल से मिले धर्मांतरण के पुख्ता सबूत
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से
धर्म परिवर्तन से जुड़े फोटो और वीडियो
बाइबिल पाठ
प्रार्थना सभाओं के दृश्य
प्रभावित लोगों के नाम और विवरण
बरामद हुए हैं, जो इस गिरोह की गतिविधियों की पुष्टि करते हैं।
खुद भी कर चुके हैं धर्म परिवर्तन, अंतरप्रांतीय नेटवर्क का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों अभियुक्त स्वयं भी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं और इनका नेटवर्क अंतरप्रांतीय स्तर पर फैला हुआ है। पुलिस को विदेशी फंडिंग के भी प्रमाण मिले हैं, जिनकी गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और जांच आगे बढ़ने पर और भी खुलासे होने की संभावना है।
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