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यूपी : वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम हटने पर अखिलेश का बड़ा सवाल: BJP को पहले से कैसे थी जानकारी? ECI की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

Published on: January 11, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को पहले से यह जानकारी थी कि कितने मतदाताओं के नाम हटने वाले हैं, वह बेहद चिंताजनक है।

सभी दलों ने किया था SIR में सहयोग

लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों ने बिना किसी आपत्ति के भाग लिया, जिसमें उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी शामिल थे। लेकिन इसके बावजूद जिस पैमाने पर नाम हटाए गए, वह संदेह पैदा करता है।

ड्राफ्ट सूची से पहले BJP के दावों पर सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेताओं द्वारा यह कहा जा रहा था कि करीब चार करोड़ मतदाताओं के नाम हटने वाले हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब ड्राफ्ट सूची जारी ही नहीं हुई थी, तो यह आंकड़ा बीजेपी को कैसे पता था?

एक जिले से तीन लाख नाम हटने का दावा

अखिलेश यादव ने बताया कि एक पूर्व सांसद ने दावा किया है कि एक ही जिले से तीन लाख वोट पहले ही हटाए जा चुके हैं। इसके अलावा दो अलग-अलग जिलों की विधानसभा सीटों से भी नाम हटाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की जानकारी सत्ताधारी दल को पहले से है, तो यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

चुनाव आयोग ने जारी किए आधिकारिक आंकड़े

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, SIR प्रक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में

  • पहले दर्ज 15.44 करोड़ मतदाताओं में से

  • 12.55 करोड़ मतदाता बनाए रखे गए

  • जबकि 2.89 करोड़ (18.70%) मतदाताओं के नाम हटाए गए

चुनाव आयोग के अनुसार, नाम हटने के कारणों में मृत्यु, स्थायी पलायन और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

पंचायत और विधानसभा वोटर लिस्ट में अंतर पर

अखिलेश यादव ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के आंकड़ों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि

  • पंचायत चुनाव के लिए ग्रामीण मतदाताओं की संख्या 12.69 करोड़ बताई जा रही है

  • जबकि पूरे प्रदेश की विधानसभा मतदाता संख्या 12.56 करोड़ है

उन्होंने पूछा कि जब एक ही BLO दोनों सूचियां तैयार कर रहे हैं, तो यह अंतर कैसे संभव है?

2.88 करोड़ नाम हटे, 40 लाख जोड़े गए

अखिलेश यादव ने कहा कि एक तरफ विधानसभा चुनाव की ड्राफ्ट सूची से 2.88 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव की सूची में 40 लाख नए नाम जोड़े गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या पंचायत चुनाव की अंतिम वोटर लिस्ट को 50 दिन तक जानबूझकर रोका जा रहा है, ताकि इन आंकड़ों को छुपाया जा सके?

निष्पक्ष चुनाव की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इतनी बड़ी प्रक्रिया में उनकी उम्मीद है कि सभी वास्तविक और योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जरूर शामिल किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग से पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब की मांग की जाएगी।

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