जागृत भारत,लखनऊ : उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सामने आई निर्माण संबंधी खामियों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। एक्सप्रेसवे की मरम्मत पूरी होने तक टोल टैक्स की वसूली रोक दी गई है। साथ ही निर्माण कंपनी पर जुर्माना लगाने और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
सड़क की खामियों के बाद हरकत में आया NHAI
13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। 14 जुलाई से इस पर यातायात शुरू हुआ। हालांकि, बारिश शुरू होने के बाद कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और धंसने की शिकायतें सामने आईं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद NHAI ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
मरम्मत पूरी होने तक नहीं लगेगा टोल
एनएचएआई ने फैसला किया है कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह दुरुस्त होने तक टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। ऑनलाइन टोल कटौती की व्यवस्था भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है, ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
निर्माण कंपनी पर जुर्माना, ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित
एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली पीएनसी इंफ्राटेक को एनएचएआई ने ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित कर दिया है। कंपनी पर 2 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और सभी निर्माण संबंधी खामियों को अपने खर्च पर ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआई के अनुसार, मरम्मत कार्य पर लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका वहन निर्माण कंपनी करेगी।
कई अधिकारियों पर गिरी गाज
मामले में परियोजना से जुड़े कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
- प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता को हटाया गया।
- टीम लीडर सुरेंद्र कुमार को परियोजना से बाहर किया गया।
- रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को भी हटाया गया।
- तीनों अधिकारियों को अगले दो वर्षों तक NHAI, MoRTH और NHIDCL की किसी भी परियोजना में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया गया।
- स्वतंत्र इंजीनियरिंग कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया।
- वर्तमान और पूर्व परियोजना निदेशकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
उन्नाव में सामने आई थीं सड़क धंसने की घटनाएं
करीब 63 किलोमीटर लंबे और 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर सबसे पहले उन्नाव क्षेत्र में सड़क धंसने और स्लिपेज की शिकायतें सामने आई थीं। एनएचएआई के क्षेत्रीय प्रबंधक गौतम विशाल के अनुसार, 26 जुलाई को किलोमीटर-64 के पास स्लिपेज मिलने के बाद तत्काल मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बाद में अन्य स्थानों से भी शिकायतें मिलने पर व्यापक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
एनएचएआई का कहना है कि सभी तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही एक्सप्रेसवे पर दोबारा टोल वसूली शुरू की जाएगी।
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