जागृत भारत | बांदा(Banda): उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में एसआईआर का शेड्यूल तीसरी बार संशोधित किया गया है। अब मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्यों को पूरा करने के लिए करीब दो महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है।
6 जनवरी को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब प्रारूप (कच्ची) मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी को किया जाएगा। इससे पहले यह तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई थी। प्रारूप सूची के प्रकाशन के साथ ही मतदाताओं को अपने नाम, पता, उम्र और अन्य विवरणों की जांच करने का अवसर मिलेगा।
दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी तक
निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक निर्धारित की है। पहले यह अवधि 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक तय की गई थी। इस दौरान मतदाता नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
27 फरवरी तक चलेगा नोटिस और निस्तारण चरण
एसआईआर के तहत 6 जनवरी से 27 फरवरी तक नोटिस जारी करने, गणना प्रपत्रों पर निर्णय लेने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद सभी आपत्तियों और दावों के निस्तारण के उपरांत अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
6 मार्च को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूर्ण हो जाएगी।
64,565 मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग
एसआईआर के दौरान बांदा जिले में 64,565 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 4.78 प्रतिशत है। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। हालांकि यह स्थिति प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन और दावे-आपत्तियों के बाद पूरी तरह स्पष्ट होगी।
नोटिस जारी करने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं
अधिकारियों के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद प्राप्त दावे और आपत्तियों के आधार पर यह तय होगा कि किन मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे और किन मामलों का समाधान दावे-आपत्ति चरण में ही हो जाएगा।
बूथवार तैयारियों में जुटा प्रशासन
उपजिलानिर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर बूथवार तैयारियां पूरी की जा रही हैं। सभी बीएलओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित तिथि पर सूची का प्रकाशन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदाताओं को पर्याप्त समय मिल सके।
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