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देवरिया में भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को फिर मिली धमकी, आपत्तिजनक पोस्ट करने पर महिला समेत दो गिरफ्तार

Published on: January 14, 2026
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जागृत भारत | देवरिया(Deoria): देवरिया में भाजपा सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने एक मुस्लिम युवती और एक युवक को गिरफ्तार किया है। दोनों पर सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला देवरिया में अवैध घोषित अब्दुल शाह गनी बाबा की मजार पर चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान से जुड़ा है, जहां बीते तीन दिनों से प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।

आपत्तिजनक पोस्ट के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
 

आपत्तिजनक पोस्ट के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पहला मामला कोतवाली क्षेत्र का है। थाना बघौचघाट निवासी सेराज अंसारी ने अपने फेसबुक अकाउंट से मजार पर बुलडोजर कार्रवाई की तस्वीर साझा करते हुए उसे ‘ब्लैक डे ऑफ देवरिया’ बताया। बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने 13 जनवरी को सेराज को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर बताता है।

दूसरा मामला
 

दूसरा मामला थाना बरियारपुर क्षेत्र का है। यहां लाहिलपर गांव निवासी अफसाना नाम की महिला ने 12 जनवरी को अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर विवादित पोस्ट डालते हुए लिखा—
“बाबा आपके टूटने का बहुत दुख हुआ, आपको तोड़ने वालों को ऐसी राह पर ले जाना, जहां उन्हें कोई बचाने वाला न हो।”

इस पोस्ट को विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के खिलाफ अप्रत्यक्ष धमकी के रूप में देखा गया। पुलिस मीडिया सेल के संज्ञान में आने के बाद अफसाना को गिरफ्तार कर लिया गया। अफसाना गृहणी है, जबकि उसका पति मुंबई में निजी नौकरी करता है।

पहले भी मिल चुकी है जान से मारने की धमकी

इससे पहले मंगलवार को भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक भाजपा विधायक को ‘सर कलम करने’ की धमकी देता नजर आया था। उस मामले में भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, आपत्तिजनक या धमकी भरी पोस्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों मामलों में विधिक कार्रवाई जारी है और आगे की जांच की जा रही है।

विधायक शलभ मणि त्रिपाठी का बयान

मजार के ध्वस्तीकरण को लेकर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह वही मजार है, जिसके खिलाफ संघर्ष के दौरान आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचारक राम नगीना यादव की निर्मम हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से उनकी आत्मा को शांति मिलेगी।

विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि मजार कमेटी से जुड़े लोगों के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और भू-माफिया गतिविधियों को लेकर मुकदमा दर्ज किया जाए और वर्षों से कब्जाई गई जमीन की पूरी वसूली की जाए।

मजार के नाम जमीन दर्ज कराने वालों पर FIR

बंजर भूमि को फर्जी इंद्राज के जरिए मजार के नाम दर्ज कराने के आरोप में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई लेखपाल की तहरीर पर की गई है। जांच में सामने आया कि वर्ष 1993 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी भूमि का इंद्राज कराया गया था, जिसका कोई वैध आधार नहीं मिला।

ध्वस्तीकरण के दौरान भावुक हुई महिला

मंगलवार को रानी तिवारी नाम की एक हिंदू महिला अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ मजार पहुंची और रो पड़ी। उसने बताया कि 12 साल पहले मजार पर संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी, जो पूरी हुई। महिला ने चादर चढ़ाई और दुआ कर लौट गई। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। बताया गया कि इस मजार पर मुस्लिमों के साथ-साथ हिंदू श्रद्धालु भी आते थे।

कैसे शुरू हुआ मजार विवाद

विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की शिकायत के बाद करीब 50 साल पुरानी इस मजार को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण शुरू किया गया।

  • रविवार: तीन बुलडोजर से 6 घंटे तक कार्रवाई, गेट, बाउंड्री, गुंबद, दुकानें तोड़ी गईं।

  • सोमवार: दो बुलडोजर और जेसीबी से 8 घंटे तक कार्रवाई, 4000 वर्ग फीट का हॉल और 26 पिलर ध्वस्त।

  • मंगलवार: मजार और चबूतरा गिराया गया, अब मस्जिद का हिस्सा शेष है।

प्रशासन का कहना है कि मजार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी और पूरी कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है।

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