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शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भारत का रुख साफ, विदेश मंत्रालय बोला- आयोजन में हमारी कोई भूमिका नहीं

Published on: August 8, 2026
Sheikh Hasina's virtual press conference

जागृत भारत,नई दिल्ली : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत से हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और उसमें दिए गए विचार सरकार के आधिकारिक विचार नहीं हैं।

साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत किसी भी ऐसे मंच पर व्यक्त किए गए विचारों का समर्थन नहीं करता, विशेषकर उन टिप्पणियों का जो बांग्लादेश की वर्तमान सरकार से संबंधित हैं।” उन्होंने दोहराया कि भारत बांग्लादेश के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बांग्लादेश की आपत्ति के बाद आया बयान

विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश ने शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भारत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के आयोजन और उसमें व्यक्त विचारों से सरकार का कोई संबंध नहीं है।

मोदी-नेतन्याहू की बातचीत पर भी दी जानकारी

प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हाल ही में हुई टेलीफोन पर बातचीत की भी जानकारी दी। रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोलीं शेख हसीना?

बुधवार को ऑडियो लिंक के माध्यम से आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ने कहा था कि वह पिछले दो वर्षों से भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं और इस वर्ष के अंत तक बांग्लादेश लौटने की उम्मीद रखती हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने देश लौटकर विकास और स्थिरता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहती हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।

बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर लगाए आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने बांग्लादेश की वर्तमान सरकार और राजनीतिक हालात पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक उत्पीड़न हुआ है तथा हजारों लोगों की मौत, लापता होने और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों के मामले सामने आए हैं।

इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और बांग्लादेश की सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग रुख व्यक्त किया गया है। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी निजी या गैर-सरकारी मंच पर व्यक्त विचार भारत सरकार के आधिकारिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करते।


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