Breaking News

यूपी के स्कूलों में पढ़ाई के साथ कमाई की ट्रेनिंग, 89 हजार से ज्यादा छात्र व्यावसायिक शिक्षा से बन रहे आत्मनिर्भर

Published on: January 26, 2026
up-vocational-education-students-self-reliant-2026

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा अब केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं रही है। प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार कर रहा है।
इस कार्यक्रम से 89 हजार से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं, जो सिलाई, प्लंबरिंग, ऑटो सर्विसिंग, डेटा एंट्री, ब्यूटी वेलनेस, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगारोन्मुख ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।


सरकार की पहल से छात्रों को मिल रहा व्यावहारिक कौशल

प्रदेश सरकार ने माध्यमिक स्तर पर ही छात्रों को रोजगारोन्मुख कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है। इसके तहत कक्षा में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ प्रयोगशालाओं और वर्कशॉप में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य-परिस्थितियों से परिचित करा रहे हैं, जिससे वे आगे नौकरी या स्वरोजगार शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।


1701 माध्यमिक विद्यालयों में लागू हुई योजना

शैक्षिक सत्र 2025-26 में इस योजना का विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के 1701 माध्यमिक विद्यालयों को व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया है, जहां विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण संचालित हो रहा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव के अनुसार इन विद्यालयों में संचालित सभी वोकेशनल कोर्स जनवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे।

पिछले वर्षों में भी योजना का विस्तार किया गया था—

  • वर्ष 2022-23 में 289 विद्यालयों में

  • वर्ष 2023-24 में 356 विद्यालयों में

  • वर्ष 2024-25 में 208 विद्यालयों में
    यह कार्यक्रम लागू किया गया, जहां 100 प्रतिशत कोर्स सफलतापूर्वक पूरे किए गए


16 ट्रेड्स और 18 जॉब रोल्स में दिया जा रहा प्रशिक्षण

कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को 16 ट्रेड्स और 18 जॉब रोल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • सहायक राजमिस्त्री

  • प्लंबर

  • सिलाई मशीन ऑपरेटर

  • ब्यूटी थैरेपिस्ट

  • खाद्य एवं पेय सेवा सहायक

  • डेयरी कर्मी

  • ऑटो सेवा तकनीशियन

  • डेटा एंट्री ऑपरेटर

  • रिटेल सहायक

  • सुरक्षा गार्ड

  • ऊर्जा मीटर तकनीशियन

  • माइक्रो फाइनेंस सहायक सहित अन्य रोजगारपरक विकल्प

इन ट्रेड्स के माध्यम से छात्रों को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल सिखाया जा रहा है, जिससे वे स्कूल शिक्षा के बाद सीधे रोजगार पा सकें या स्वरोजगार शुरू कर सकें।


रियल टाइम निगरानी से सुनिश्चित की जा रही गुणवत्ता

इस योजना की निगरानी लाइट हाउस पोर्टल के माध्यम से रियल टाइम में की जा रही है। इसके जरिए छात्रों की उपस्थिति, प्रशिक्षण की प्रगति और गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि कार्यक्रम का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में शिक्षा मॉडल

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यावसायिक शिक्षा से छात्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वे पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए भटकने के बजाय स्वयं रोजगार सृजन करने में सक्षम होंगे। यह पहल प्रदेश में स्किल बेस्ड एजुकेशन सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

गणतंत्र दिवस पर 35 पुलिसकर्मियों को मिलेगा मुख्यमंत्री सम्मान, साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए सीएम योगी करेंगे सम्मानित

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!