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रेड सी में ऑप्टिक फाइबर केबल कटने से वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक का 17% प्रभावित, माइक्रोसॉफ्ट अजूर सेवा बाधित

Published on: September 8, 2025
Optic fibre across the Red Sea
Optic fiber cable in the Red Sea : रेड सी क्षेत्र में प्रमुख अंडरसी ऑप्टिक फाइबर केबल्स के क्षतिग्रस्त होने के कारण दुनियाभर के लगभग 17% इंटरनेट ट्रैफिक पर असर पड़ा है। प्रभावित केबल्स में SEACOM/TGN-EA, AAE-1 और EIG प्रमुख हैं, जो माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड प्लेटफॉर्म अजूर (Azure) के जरिए एशिया और यूरोप को इंटरनेट सेवाएं प्रदान करती थीं।
धीमे इंटरनेट और बढ़ी लेटेंसी से यूजर्स परेशान
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अजूर सर्विस अपडेट में बताया कि खासतौर पर मिडिल ईस्ट से होकर गुजरने वाले नेटवर्क ट्रैफिक में देरी (लेटेंसी) और कनेक्टिविटी समस्याएं देखी जा रही हैं। कंपनी ने कहा है कि वह रूटिंग को ऑप्टिमाइज़ कर रही है और वैकल्पिक नेटवर्क मार्गों के जरिये ट्रैफिक डायवर्ट कर रही है, लेकिन यूजर्स को अभी भी धीमी स्पीड और सेवाओं में रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।
बिजनेस और ऑनलाइन सेवाओं पर गहरा असर
इंटरनेट ट्रैफिक में रुकावट के कारण बिजनेस कम्युनिकेशन, ऑनलाइन क्लासेस, स्ट्रीमिंग और क्लाउड-बेस्ड सर्विसेज पर व्यापक असर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह क्षति लंबे समय तक बनी रहती है, तो कई कॉरपोरेट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
अब तक स्पष्ट नहीं केबल कटने का कारण
अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ऑप्टिक फाइबर केबल्स कैसे और क्यों क्षतिग्रस्त हुईं। इतिहास को देखते हुए, पहले भी इस तरह की घटनाओं में शिप के एंकर से केबल कटना या जानबूझकर की गई तोड़फोड़ की आशंका जताई गई है। हालांकि इस बार रेड सी क्षेत्र में चल रहे राजनीतिक संघर्ष, विशेषकर यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियों को लेकर संदेह जाहिर किया गया है। लेकिन हूती समूह ने इस घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।
डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले की आशंका
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह घटना किसी साजिश का हिस्सा है, तो यह भविष्य में वैश्विक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है। कई सरकारें और टेलिकॉम कंपनियां मामले की जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है।
केबल मरम्मत में लग सकते हैं कई हफ्ते
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वह स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रही है और यूजर्स को रोजाना अपडेट उपलब्ध कराएगी। हालांकि, कंपनी ने यह भी माना है कि केबल की मरम्मत में कई सप्ताह लग सकते हैं, जिससे एशिया और यूरोप के बीच डेटा ट्रैफिक लंबे समय तक प्रभावित रह सकता है।

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