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गोरखपुर फर्जी कॉल सेंटर: पहले ही पुलिस को हुआ था शक, सबूत न मिलने से बच निकले ठग, अब खुली बड़ी साइबर ठगी की परतें

Published on: January 25, 2026
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जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): जिले में अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का मामला सामने आने के बाद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस कॉल सेंटर की गतिविधियों पर पहले भी स्थानीय पुलिस को संदेह हुआ था, लेकिन उस समय ठोस सबूत न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

अब जब पुख्ता सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी हुई है, तो यह साइबर ठगी का बड़ा अड्डा साबित हुआ है। पुलिस ने संचालक समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी गई है।

पहले भी पुलिस को था संदेह, लेकिन हाथ नहीं लगे सबूत

सूत्रों के अनुसार कॉल सेंटर के सक्रिय रहने के दौरान ही स्थानीय पुलिस को संचालक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। तत्कालीन थानेदार ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल सका। पुलिस टीम ने उस वक्त यह कहते हुए जांच समाप्त कर दी थी कि संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं हो पाई है।

बाहर से सामान्य दिखता था, रात में चलती थी ठगी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब शुरुआती जांच हुई थी, तब बाहर से पूरा माहौल सामान्य दिखाई दे रहा था। न तो संदिग्ध लोगों की आवाजाही थी और न ही कोई ऐसी गतिविधि, जिससे साइबर ठगी का शक मजबूत हो सके।

कॉलिंग और ठगी की गतिविधियां मुख्य रूप से रात के समय होती थीं, जबकि दिन में मकान लगभग शांत रहता था। इसी कारण जांच आगे नहीं बढ़ाई गई और कॉल सेंटर लंबे समय तक सक्रिय रहा।

तकनीकी इनपुट के अभाव में नहीं हो सकी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उस समय न तो विदेशी कॉलिंग का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध था और न ही संदिग्ध बैंक लेनदेन से जुड़े कोई तकनीकी संकेत मिले थे। सीमित जानकारी और तकनीकी साक्ष्य के अभाव में कानूनी कार्रवाई करना संभव नहीं था।

पुख्ता सूचना के बाद छापेमारी, छह आरोपी गिरफ्तार

बाद में साइबर सेल और तकनीकी एजेंसियों से मिले इनपुट, डिजिटल साक्ष्य और पुख्ता सूचना के आधार पर गुरुवार को छापेमारी की गई। इस दौरान फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ और संचालक समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी के बाद करीमनगर स्थित उस मकान को सील कर दिया गया, जहां कॉल सेंटर संचालित हो रहा था।

मास्टरमाइंड की तलाश में कोलकाता पहुंची पुलिस टीम

पुलिस का मानना है कि इस साइबर ठगी नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी फरार है। उसकी तलाश में एक विशेष टीम को कोलकाता भेजा गया है, जहां नेटवर्क के अहम सूत्र होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों का कहना है कि कोलकाता कनेक्शन की गुत्थी सुलझने के बाद इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।

बहुस्तरीय जांच, लापरवाही के बिंदुओं की भी पड़ताल

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अब बहुस्तरीय स्तर पर की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि किन कारणों से और किस स्तर पर सूचना के अभाव या लापरवाही के चलते यह फर्जी कॉल सेंटर लंबे समय तक संचालित होता रहा।

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