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भारत ने अफगानिस्तान को भेजी 5 टन दवाइयों की अतिरिक्त खेप, मानवीय सहायता अभियान जारी

Published on: June 18, 2026
India sent [aidsupplies] to Afghanistan.

जागृत भारत,नई दिल्ली : भारत ने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत अफगानिस्तान को मानवीय सहायता जारी रखते हुए 5 टन आवश्यक दवाइयों की अतिरिक्त खेप काबुल भेजी है। इस सहायता को संकट के समय एक मित्र पड़ोसी देश के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने इस सहायता की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से दी। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अफगान लोगों की भलाई और मानवीय जरूरतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस सहायता की सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सराहना की और इसे भारत की पड़ोसी देशों के प्रति जिम्मेदार भूमिका बताया। कई लोगों ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए पड़ोसी देशों के साथ मजबूत मानवीय संबंध आवश्यक हैं।

हालांकि, कुछ सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में इस कदम की आलोचना भी देखने को मिली, जहां कुछ यूजर्स ने भारत की विदेश नीति को लेकर नकारात्मक टिप्पणियां कीं। इन टिप्पणियों में तीखे राजनीतिक विचार भी शामिल रहे।

भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत लगातार मदद

भारत पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान को लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध करा रहा है। हाल के महीनों में भेजी गई मदद में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन राहत सामग्री शामिल रही है।

  • इसी महीने भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य तंत्र के लिए वेंटिलेटर, कार्डियोग्राफ मशीनें और नवजात देखभाल उपकरण भेजे थे।
  • मई में भारत ने लगभग 33 टन वैक्सीन संबंधित सामग्री (बीसीजी, टिटनेस और डिप्थीरिया) की आपूर्ति की थी, जिससे टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूती मिली।
  • अप्रैल 2026 में भारत ने बाढ़ राहत के तहत 3 टन राहत सामग्री भेजी थी, जिसमें किचन सेट, हाइजीन किट, तिरपाल और स्लीपिंग बैग शामिल थे।

क्षेत्रीय मानवीय सहयोग पर जोर

भारत की ओर से लगातार दी जा रही सहायता को क्षेत्रीय मानवीय सहयोग और स्थिरता बढ़ाने की नीति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पड़ोसी देशों के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों और मानवीय कूटनीति को मजबूत करता है।

भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और मानवीय सहायता की नीति को आगे भी जारी रखेगा।


इसे भी पढ़ें : सिंधु जल संधि पर भारत के कदम से पाकिस्तान बेचैन, पूर्व भारतीय आयुक्त ने खोली पाक दावों की पोल


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