Breaking News

मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास पर खरगे का पीएम मोदी पर हमला, बोले—नामपट्टिका लगाने के लिए मिटा रहे हैं विरासत

Published on: January 17, 2026
kharge-attacks-pm-modi-on-manikarnika-ghat-redevelopment

जागृत भारत | नई दिल्ली(New Delhi): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर देश की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को मिटा रहे हैं, ताकि केवल अपनी नामपट्टिका लगाई जा सके।

सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मणिकर्णिका घाट जैसी दुर्लभ और प्राचीन धरोहर, जिसका उल्लेख गुप्त काल में मिलता है और जिसे बाद में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने पुनर्स्थापित कराया था, उसे नवीनीकरण के बहाने ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक अपराध करार दिया।

सौंदर्यीकरण के नाम पर बुलडोजर चलाने का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सौंदर्यीकरण और व्यावसायीकरण के नाम पर सदियों पुराने धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, छोटे-बड़े मंदिरों और देवस्थानों को पहले कॉरिडोर के नाम पर गिराया गया और अब प्राचीन घाटों की बारी आ गई है।

प्रदर्शनकारियों के आरोप, प्रशासन का खंडन

मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के खिलाफ स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ध्वस्तीकरण के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की एक सदी पुरानी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

प्रशासन का दावा—धरोहर सुरक्षित रखी गई

वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि सभी पुरावशेषों को संस्कृति विभाग ने सुरक्षित कर लिया है और कार्य पूरा होने के बाद उन्हें उनके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पुनर्विकास घाट पर प्रतिदिन होने वाले बड़ी संख्या में अंतिम संस्कारों को देखते हुए स्वच्छता और स्थान प्रबंधन सुधारने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

‘काशी केवल शहर नहीं, विश्व धरोहर है’

खरगे ने कहा कि काशी दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है, जहां आध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का संगम देखने को मिलता है। यह शहर पूरी दुनिया को आकर्षित करता है। ऐसे में यहां की ऐतिहासिक पहचान को नष्ट करना न केवल वाराणसी बल्कि पूरे देश की आत्मा पर हमला है।

कॉरपोरेट हितों को लाभ पहुंचाने का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इन सभी कार्यों के पीछे कॉरपोरेट हित साधने की मंशा है। उन्होंने कहा कि पहले जल, जंगल और जमीन को कारोबारियों के हवाले किया गया और अब सांस्कृतिक विरासत को भी उनके हवाले किया जा रहा है।

संसद परिसर और जलियांवाला बाग का किया जिक्र

खरगे ने सवाल उठाया कि क्या बिना विरासत को नुकसान पहुंचाए सफाई और सौंदर्यीकरण नहीं किया जा सकता था। उन्होंने संसद परिसर से महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत कई महान विभूतियों की प्रतिमाएं हटाने और जलियांवाला बाग स्मारक के नवीनीकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बलिदान की स्मृतियों को मिटा दिया गया।

मणिकर्णिका घाट की धार्मिक पहचान पर खतरा

खरगे ने पूछा कि मणिकर्णिका घाट पर सदियों पुरानी मूर्तियों को क्यों मलबे में बदल दिया गया। क्या उन्हें संग्रहालय में सुरक्षित नहीं रखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कभी कहा था कि ‘मां गंगा ने मुझे बुलाया है’, लेकिन आज वही मां गंगा और उनके घाट उपेक्षित हो रहे हैं।

श्रद्धालुओं की आस्था से विश्वासघात का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हर साल लाखों लोग मोक्ष की कामना लेकर काशी आते हैं। मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म के सबसे पवित्र श्मशान स्थलों में से एक है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इन श्रद्धालुओं की आस्था से विश्वासघात करना चाहती है।

विरोध प्रदर्शन को मिला सामाजिक समर्थन

मंगलवार से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पाल समाज समिति ने किया, जिसे मराठी समाज और अन्य स्थानीय संगठनों का भी समर्थन मिला। समिति के महेंद्र पाल ने अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा हटाए जाने का आरोप लगाया।

धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा

सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के दौरान कई प्रतिष्ठित मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जो धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार है। वहीं कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे “काशी की आत्मा और सनातन संस्कृति पर हमला” बताया।

मोक्ष की भूमि मणिकर्णिका घाट का महत्व

मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और प्राचीन श्मशान घाटों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार करने से जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति यानी मोक्ष प्राप्त होता है, जिससे इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है।

बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी, 2027 में यूपी में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे: मायावती

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Deoria Anganwadi workers in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

Regarding the demand for exemption from TET

TET से छूट की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी को सौंपा ज्ञापन

Assam Rifles soldier from Deoria Assam Rifles soldier from Deoria

देवरिया के असम राइफल्स जवान सत्येंद्र सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

Not getting selected in the interview

इंटरव्यू में चयन नहीं होने के कुछ घंटे बाद देवरिया के युवक की ग्रेटर नोएडा में मौत, जांच में जुटी पुलिस

Raja Raghuvanshi Honeymoon Murder Case

राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस: गिरफ्तारी के लिखित कारण पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, मामला बड़ी बेंच को भेजने के संकेत

10 million new ration cards will be issued in Bihar.

बिहार में बनेंगे 1 करोड़ नए राशन कार्ड, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध लक्ष्य

Leave a Reply

error: Content is protected !!