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बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा संकट, रात 8 बजे बंद होंगे मॉल और दुकानें; भारत से मांगा अतिरिक्त डीजल

Published on: August 14, 2026
Energy crisis deepens in Bangladesh

जागृत भारत,ढाका : बांग्लादेश में ऊर्जा संकट लगातार गहराता जा रहा है। बिजली की बढ़ती कमी और ईंधन संकट के बीच सरकार ने बिजली की खपत कम करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इसी क्रम में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विज्ञापन वाले रोशन बिलबोर्ड और सजावटी लाइटों के इस्तेमाल पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। संकट के बीच बांग्लादेश की नजर अब भारत से मिलने वाली अतिरिक्त डीजल आपूर्ति पर टिकी है।

बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने भारत से अतिरिक्त डीजल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति की जाती है। अब ढाका इस आपूर्ति को बढ़ाने की मांग कर रहा है, ताकि बिजली उत्पादन और ईंधन की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

रात 8 बजे बंद होंगे बाजार और मॉल

बांग्लादेश सरकार ने 12 अगस्त को जारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में बाजारों, शॉपिंग मॉल और दुकानों के संचालन को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत इन्हें सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक ही खोलने की अनुमति होगी। यानी इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन का समय नौ घंटे निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य बिजली की खपत को कम करना है। देश के कई हिस्सों में बिजली कटौती की समस्या बढ़ने के बाद ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

रोशन बिलबोर्ड और सजावटी लाइटों पर भी रोक

नए निर्देशों के तहत रोशन बिलबोर्ड को शाम 7 बजे तक बंद करना होगा। इसके अलावा दुकानों, बाजारों और अन्य स्थानों पर सजावटी या अनावश्यक रोशनी के इस्तेमाल को भी सीमित किया गया है। ऊर्जा संकट का असर केवल दुकानों और मॉल तक सीमित नहीं है। सरकार ने मेलों, ट्रेड फेयर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बिजली के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इन उपायों से बिजली की मांग को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

भारत से मांगी अतिरिक्त डीजल सप्लाई

बिजली और गैस की कमी के बीच बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल की मांग की है। बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा एवं खनिज संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद ने भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा के साथ बैठक में अतिरिक्त डीजल आपूर्ति का मुद्दा उठाया।

महमूद के मुताबिक, दोनों देशों के बीच पहले से एक पाइपलाइन है, जिसके जरिए डीजल की आपूर्ति होती है। बांग्लादेश अब मौजूदा व्यवस्था के जरिए अतिरिक्त ईंधन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही सरकार अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अन्य स्रोतों से भी आयात के विकल्प तलाश रही है।

भारत ने कहा- अनुरोध पर विचार जारी

बांग्लादेश की मांग पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारत को बांग्लादेश सरकार की ओर से डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति का अनुरोध मिला है और इस पर विचार किया जा रहा है। भारत पहले से ही पड़ोसी देशों को रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करता रहा है। ऐसे में बांग्लादेश की मौजूदा ऊर्जा जरूरतों के बीच दोनों देशों के बीच ईंधन आपूर्ति का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है।

बिजली संकट से बढ़ी मुश्किलें

बांग्लादेश में बिजली और गैस की कमी का सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में बिजली कटौती बढ़ने से आम लोगों के साथ-साथ कारोबार और उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार अब बिजली की मांग को नियंत्रित करने के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के समय में कटौती और गैर-जरूरी रोशनी पर रोक जैसे कदम उठा रही है।

ऐसे में आने वाले दिनों में भारत से मिलने वाली अतिरिक्त डीजल आपूर्ति बांग्लादेश के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल ढाका की नजर नई दिल्ली के फैसले पर टिकी है।


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