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पुतिन की नाटो को चेतावनी, एशिया-प्रशांत में विस्तार को बताया रूस की सुरक्षा के लिए खतरा

Published on: August 13, 2026
Putin's warning to NATO

जागृत भारत,मॉस्को : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो के एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है। पुतिन ने कहा कि इस क्षेत्र में नाटो की गतिविधियां और हथियारों की तैनाती रूस की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर पश्चिमी देश रूसी वाणिज्यिक जहाजों को जब्त करते हैं तो मॉस्को इसका जवाब देगा। पुतिन ने यूरोपीय संघ के देशों पर रूसी व्यापारिक जहाजों को जब्त करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘पायरेसी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई का रूस की ओर से उचित जवाब दिया जाएगा।

जापान पर भी साधा निशाना

रूसी राष्ट्रपति ने जापान की ओर से रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी ‘अवैध’ बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि रूस जापान को अपने लिए खतरा नहीं मानता और मॉस्को का जापान के खिलाफ कोई क्षेत्रीय दावा नहीं है। पुतिन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने जापान में अपनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताएं मजबूत की हैं। जापान ने अमेरिका से टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें भी खरीदी हैं।

एशिया-प्रशांत से आर्कटिक तक तनाव

पुतिन के मुताबिक, नाटो का एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विस्तार केवल उस इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों की सैन्य गतिविधियों के कारण आर्कटिक में तनाव बढ़ रहा है। रूस लंबे समय से नाटो के विस्तार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बताता रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद मॉस्को और पश्चिमी सैन्य गठबंधन के बीच तनाव और बढ़ गया है।

क्या नाटो की परीक्षा ले सकते हैं पुतिन?

पुतिन का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी खुफिया आकलनों में रूस द्वारा नाटो की प्रतिक्रिया को परखने के लिए किसी सीमित कार्रवाई की आशंका जताई गई है। आकलनों के मुताबिक, रूस किसी नाटो सदस्य के खिलाफ साइबर हमला या सीमित सैन्य घुसपैठ जैसे कदम उठा सकता है। इसका उद्देश्य नाटो के आर्टिकल 5 के तहत सामूहिक रक्षा की प्रतिबद्धता की परीक्षा लेना हो सकता है। आर्टिकल 5 के तहत किसी एक नाटो सदस्य पर सशस्त्र हमला गठबंधन के सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है।

बाल्टिक देश और पोलैंड पर नजर

अमेरिकी आकलनों में आशंका जताई गई है कि रूस तनाव बढ़ाने के लिए बाल्टिक देशों या पोलैंड को निशाना बना सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि रूस ऐसा कोई कदम कब उठाएगा और अमेरिकी आकलन को निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। नाटो की ओर से कहा गया है कि गठबंधन अलग-अलग संभावित परिस्थितियों के लिए लगातार तैयारी करता है और किसी भी खतरे का जवाब देने में सक्षम है। हाल के महीनों में नाटो देशों की सीमा के आसपास रूसी ड्रोन गतिविधियों की खबरों ने भी मॉस्को और नाटो के बीच तनाव को और बढ़ाया है।



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