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भारत-चीन सीमा वार्ता में LAC की स्थिति पर चर्चा, सीमा पर शांति बनाए रखने पर दोनों देशों का जोर

Published on: August 9, 2026
India-China border talks

जागृत भारत,नई दिल्ली : भारत और चीन के बीच सीमा मामलों को लेकर बातचीत का एक और दौर गुरुवार को आयोजित हुआ। वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की 36वीं बैठक में दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और लंबित मुद्दों पर स्पष्ट एवं रचनात्मक चर्चा की।

भारतीय पक्ष ने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। दोनों पक्ष LAC से जुड़े लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने और किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक एवं सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमत हुए।

सीमा पार नदियों पर बैठक जल्द बुलाने की मांग

बैठक के दौरान भारत ने 2006 में स्थापित एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म ऑन ट्रांस-बॉर्डर रिवर्स की अगली बैठक जल्द आयोजित करने की आवश्यकता दोहराई। भारत ने अपस्ट्रीम परियोजनाओं से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा करने को भी महत्वपूर्ण बताया। भारत ने कहा कि सीमा पार नदियों से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद और सूचनाओं का आदान-प्रदान दोनों देशों के हित में है।

चीन के बड़े बांध प्रोजेक्ट पर भारत की नजर

चीन की ओर से हाल में बड़े बांध प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद भारत अपस्ट्रीम गतिविधियों में पारदर्शिता और डाउनस्ट्रीम देशों के साथ प्रभावी संवाद की जरूरत लगातार उठा रहा है। भारत का कहना है कि अपस्ट्रीम क्षेत्रों में किसी भी बड़ी जल परियोजना से निचले बहाव वाले देशों के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। भारत ने इस संबंध में चीन के समक्ष अपनी चिंताएं रखने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने पर जोर

भारत ने खुद को निचले बहाव वाला देश (Lower Riparian Country) बताते हुए कहा कि वह चीनी अधिकारियों के सामने अपनी चिंताओं को लगातार उठाता रहा है। भारत ने अपस्ट्रीम गतिविधियों के प्रभाव से डाउनस्ट्रीम राज्यों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के साथ हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने और सीमा पार नदी सहयोग को फिर से सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सीमा निर्धारण और बॉर्डर मैनेजमेंट पर भी चर्चा

भारतीय पक्ष के अनुसार, पिछले वर्ष हुई स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) की 24वीं वार्ता के नतीजों को आगे बढ़ाते हुए बैठक में सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन और सीमा पार सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने सीमा विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने और सीमा क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।

‘अर्ली हार्वेस्ट’ पर एक्सपर्ट ग्रुप बनाने की तैयारी

SR वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा निर्धारण से जुड़े कुछ मुद्दों पर ‘अर्ली हार्वेस्ट’ की संभावनाएं तलाशने के लिए WMCC के तहत एक विशेषज्ञ समूह गठित करने पर सहमति जताई थी। ताजा बैठक में इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और सीमा प्रबंधन से जुड़े उपायों पर काम जारी रखने पर जोर दिया गया। भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी संवाद ऐसे समय जारी है जब दोनों देश LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखते हुए व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।


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