Breaking News

अमेरिका में तेजी से फैल रहा खतरनाक फंगस ‘कैंडिडा ऑरिस’, 27 राज्यों में मिले हजारों मामले; CDC ने जताई चिंता

Published on: August 7, 2026
Spreading rapidly in the US

जागृत भारत,वॉशिंगटन : अमेरिका में तेजी से फैल रहे खतरनाक फंगस कैंडिडा ऑरिस (Candida auris) ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, इस वर्ष अब तक देश के 27 राज्यों में इस दवा-प्रतिरोधी (Drug-Resistant) फंगस के मामले सामने आ चुके हैं। प्रभावी दवाओं और वैक्सीन की कमी के कारण इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

CDC के मुताबिक, 25 जुलाई तक अमेरिका में कैंडिडा ऑरिस के 3,437 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि यह संख्या पिछले वर्ष के 4,290 मामलों से कम है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण लगातार फैल रहा है। सबसे अधिक 873 मामले कैलिफोर्निया में दर्ज किए गए हैं, जबकि टेक्सास (433) और टेनेसी (283) इसके बाद सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं। एजेंसी के अनुसार, 2022 के बाद मामलों की वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन संक्रमण अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।

क्या है कैंडिडा ऑरिस?

कैंडिडा ऑरिस एक खतरनाक यीस्ट (फंगस) है, जो मुख्य रूप से अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को संक्रमित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘क्रिटिकल प्रायोरिटी फंगल पैथोजन’ की श्रेणी में रखा है, क्योंकि यह कई एंटीफंगल दवाओं पर असर नहीं होने के कारण इलाज को बेहद मुश्किल बना देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फंगस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने का काम करता है। सामान्यतः शरीर की श्वेत रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) संक्रमण से लड़ने के लिए रिएक्टिव नाइट्रोजन स्पीशीज बनाती हैं, लेकिन कैंडिडा ऑरिस इस प्रक्रिया को बाधित कर देता है। इसके कारण त्वचा संक्रमण से लेकर रक्त संक्रमण (Bloodstream Infection) जैसे गंभीर और जानलेवा संक्रमण हो सकते हैं।

कैसे फैलता है संक्रमण?

कैंडिडा ऑरिस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने या दूषित सतहों एवं चिकित्सा उपकरणों के माध्यम से फैल सकता है। इसकी एक बड़ी चुनौती यह है कि यह फंगस अस्पतालों की सतहों और उपकरणों पर लंबे समय तक जीवित रह सकता है, जिससे अन्य मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?

CDC के अनुसार, यह संक्रमण मुख्य रूप से उन लोगों में गंभीर रूप लेता है जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हों, लंबे समय से अस्पताल या आईसीयू में भर्ती हों, या जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कैंडिडा ऑरिस संक्रमण से मृत्यु दर 30 से 60 प्रतिशत के बीच हो सकती है। हालांकि, अधिकांश संक्रमित मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं, इसलिए यह तय करना कठिन है कि मृत्यु में इस फंगस की कितनी प्रत्यक्ष भूमिका रही।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए अस्पतालों में सख्त संक्रमण नियंत्रण उपाय, समय पर पहचान और उचित उपचार बेहद जरूरी हैं। इस बीमारी को लेकर अभी भी कई पहलुओं पर शोध जारी है।


इसे भी पढ़ें : यूपी विधानसभा में हंगामे पर सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘सपा ने जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी’


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Student at Meerut Agricultural University

मेरठ कृषि विश्वविद्यालय में छात्रा ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, परीक्षा विवाद का लगाया आरोप; जांच समिति गठित

Raghav Chadha raised the issue in the Rajya Sabha.

राज्यसभा में राघव चड्ढा ने उठाया ‘रेफरल कमीशन’ का मुद्दा, बोले- मरीजों की जेब पर पड़ रहा है कट मनी सिस्टम का बोझ

Bangladesh Army Chief Mohammad

बांग्लादेश: सेना प्रमुख मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने के खिलाफ थे, पूर्व कानून सलाहकार का दावा

Be it Jharkhand or Delhi

झारखंड हो या दिल्ली, हर जगह छात्रों के साथ कांग्रेस’, खरगे बोले- अमित शाह संसद में दें जवाब

On the uproar in the UP Assembly

यूपी विधानसभा में हंगामे पर सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘सपा ने जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी’

On the uproar in the UP Assembly

यूपी विधानसभा में हंगामे पर भावुक हुए स्पीकर सतीश महाना, बोले- ‘सोचने पर मजबूर हूं कि इस पद के योग्य हूं या नहीं’

Leave a Reply

error: Content is protected !!