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ताजमहल पर जलाभिषेक की कोशिश पर हंगामा, कांवड़ियों और पुलिस में नोकझोंक; राजेश्वर महादेव मंदिर में कराया गया पूजन

Published on: August 4, 2026
Attempt to perform Jalabhishek at the Taj Mahal

जागृत भारत,आगरा : श्रावण मास के पहले सोमवार को ताजमहल के पश्चिमी गेट पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता कांवड़ लेकर जलाभिषेक करने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें ताजमहल परिसर की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी श्रद्धालुओं को राजेश्वर महादेव मंदिर ले जाकर जलाभिषेक कराया।

ताजमहल के बाहर रोके गए कार्यकर्ता

अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ता कासगंज के सोरों से कांवड़ यात्रा कर आगरा पहुंचे थे। श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल और बाबा अमरनाथ से लाया गया पवित्र जल लेकर ताजमहल के पश्चिमी गेट पहुंचे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वे ताजमहल को “तेजो महालय” यानी भगवान शिव का प्राचीन मंदिर मानते हैं और वहीं जलाभिषेक करना चाहते थे।

पुलिस से हुई बहस

ताजमहल के प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस बल ने सुरक्षा कारणों से सभी कार्यकर्ताओं और महिला कांवड़ियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान हिंदू महासभा के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच कुछ समय तक बहस और नोकझोंक होती रही। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

राजेश्वर महादेव मंदिर में कराया गया जलाभिषेक

स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा के बीच राजेश्वर महादेव मंदिर पहुंचाया, जहां उन्होंने गंगाजल और अन्य पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

अगले सोमवार फिर आने का ऐलान

हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि संगठन का अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि ताजमहल परिसर में अन्य सांस्कृतिक या धार्मिक गतिविधियां हो सकती हैं, तो भगवान शिव को धतूरा और बेलपत्र अर्पित करने की अनुमति भी मिलनी चाहिए।

उन्होंने घोषणा की कि संगठन सावन के अगले सोमवार को भी कांवड़ लेकर आएगा और ताजमहल परिसर में जलाभिषेक का प्रयास करेगा।

नोट: ताजमहल को “तेजो महालय” या प्राचीन शिव मंदिर बताए जाने का दावा विवादित है और इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) तथा मुख्यधारा के अधिकांश इतिहासकार स्वीकार नहीं करते। फिलहाल ताजमहल एक संरक्षित स्मारक है, जहां धार्मिक गतिविधियां निर्धारित नियमों के तहत ही संचालित होती हैं।


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