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ढाका में अमेरिकी दूत और भारतीय उच्चायुक्त की मुलाकात के क्या हैं मायने? चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच तेज हुई कूटनीतिक हलचल

Published on: August 4, 2026
US envoy and Indian ambassador in Dhaka

जागृत भारत,ढाका : बांग्लादेश में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत, अमेरिका और बांग्लादेश से जुड़ी कूटनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि सर्जियो गोर के हालिया ढाका दौरे ने राजनीतिक और रणनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। खासकर भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ उनकी मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

सर्जियो गोर ने पिछले सप्ताह तीन दिवसीय बांग्लादेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री तारिक रहमान, विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। हालांकि, सबसे अधिक चर्चा उनकी 31 जुलाई को भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ हुई करीब डेढ़ घंटे की बैठक को लेकर हुई, जो प्रधानमंत्री तारिक रहमान से उनकी मुलाकात से पहले हुई थी।

कूटनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चाएं

राजनयिक सूत्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में क्षेत्रीय रणनीतिक मुद्दों, विशेषकर बांग्लादेश में चीन के बढ़ते प्रभाव और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों पर चर्चा हुई हो सकती है। हालांकि, भारत, अमेरिका या बांग्लादेश की ओर से इस बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

बैठक के कुछ ही समय बाद भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का नई दिल्ली रवाना होना भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है। हालांकि, उनकी यात्रा के उद्देश्य को लेकर भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चीन के बढ़ते प्रभाव पर नजर

सर्जियो गोर का दौरा ऐसे समय हुआ है जब बांग्लादेश और चीन के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग में तेजी देखने को मिली है। जून में प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हुईं।

बांग्लादेश में उठे सवाल

गोर के दौरे के बाद बांग्लादेश के राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि पाकिस्तान एक साथ अमेरिका और चीन दोनों के साथ संबंध बनाए रख सकता है, तो बांग्लादेश भी ऐसी संतुलित विदेश नीति क्यों नहीं अपना सकता। हालांकि, यह बहस मुख्य रूप से राजनीतिक विश्लेषकों और सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा है।

राष्ट्रपति पद और BRICS को लेकर भी चर्चा

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1 अगस्त को सर्जियो गोर की प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात के दिन ही सत्तारूढ़ बीएनपी (BNP) की स्थायी समिति की बैठक भी हुई। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बैठक में संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में मोहम्मद यूनुस के नाम पर चर्चा हुई। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इसी दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं।

विपक्षी दलों से नहीं की मुलाकात

गौरतलब है कि अपने दौरे के दौरान सर्जियो गोर ने जमात-ए-इस्लामी या नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (NCP) जैसे प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात नहीं की। इस कदम को भी राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, हालांकि अमेरिकी पक्ष ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

कुल मिलाकर, सर्जियो गोर का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। ऐसे में भारत, अमेरिका, चीन और बांग्लादेश के बीच बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियों पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीबी नजर बनी हुई है।


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