जागृत भारत,इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। संगठन के नेता सरदार अमन खान ने कहा है कि मुजफ्फराबाद की ओर प्रस्तावित मार्च किसी भी कीमत पर नहीं रोका जाएगा और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
अमन खान ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने “हमारी जमीन, हमारा राज” का नारा देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र के भविष्य का फैसला स्वयं करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण ढंग से मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ेंगे और आंदोलन को बीच में नहीं रोका जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में शामिल लोगों में से केवल एक व्यक्ति भी बचता है, तो वह भी मुजफ्फराबाद तक पहुंचने का प्रयास करेगा। उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य स्थानीय लोगों के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी की मांग को मजबूत करना है।
पाकिस्तानी सेना पर लगाए आरोप
अमन खान ने पाकिस्तान की सेना और प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि निहत्थे नागरिकों के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है और आम लोगों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था जारी रहती है, तो स्थानीय जनता के साथ नए राजनीतिक समझौते किए जाने चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस समाचार के समय तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ब्रिटेन में भी हुआ प्रदर्शन
समाचार के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति को लेकर ब्रिटेन के बर्मिंघम में भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास के बाहर एकत्र होकर कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और हिंसा के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पीओके में हिंसा रोकने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
लगातार बढ़ रहा है तनाव
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर पिछले कुछ समय से राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है। बताया गया है कि विधानसभा में शरणार्थियों के लिए सीट आरक्षण के मुद्दे से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे व्यापक राजनीतिक आंदोलन में बदल गए हैं। आंदोलनकारी स्थानीय अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और शासन व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल क्षेत्र की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और घटनाक्रम पर स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों की नजर है।
नोट: इस समाचार में JAAC और उसके नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप तथा दावे शामिल हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और पाकिस्तान सरकार या सेना की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया भी इस समाचार में शामिल नहीं है।
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