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देवरिया : ‘हर बच्चा पहुंचे स्कूल और आंगनबाड़ी’ : डीएम मधुसूदन हुल्गी ने ग्राम प्रशासकों से किया सहयोग का आह्वान

Published on: July 25, 2026
Deoria Ensure every child reaches school.
जागृत भारत,देवरिया : जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद के सभी ग्राम प्रशासकों से बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य पर आधारित होती है। ऐसे में प्रत्येक ग्राम प्रशासक की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र के हर बच्चे को विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से “स्कूल चलो अभियान” संचालित किया जा रहा है, जबकि देवरिया जनपद में इसका द्वितीय चरण 2 जुलाई 2026 से शुरू किया गया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 8 तक के प्रत्येक बच्चे का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी नियमित विद्यालय उपस्थिति बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को शासन की ओर से कई महत्वपूर्ण सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर, स्टेशनरी, पौष्टिक मध्यान्ह भोजन तथा स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक शिक्षण सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब सभी बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएंगे।
डीएम मधुसूदन हुल्गी ने आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही रखी जाती है। कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण और बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने ग्राम प्रशासकों से अपील की कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में घर-घर संपर्क अभियान चलाकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का निकटतम परिषदीय विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराएं। साथ ही 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करें, ताकि उन्हें पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि ग्राम प्रशासक समय-समय पर विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें, शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग करें तथा स्थानीय स्तर पर शिक्षा और पोषण से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों को कायाकल्प अभियान के सभी 19 मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि ग्राम प्रशासकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से देवरिया में शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित उपस्थिति और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से देवरिया शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

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