Breaking News

देवरिया के असम राइफल्स जवान सत्येंद्र सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

Published on: July 12, 2026
Assam Rifles soldier from Deoria Assam Rifles soldier from Deoria
जागृत भारत,देवरिया : देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के रामपुर चंद्रभान गांव के रहने वाले असम राइफल्स के जवान सत्येंद्र सिंह (36) को शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पटनवा पुल के समीप छोटी गंडक नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान असम राइफल्स के जवानों और स्थानीय पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को नमन किया। भावुक माहौल के बीच उनके नौ वर्षीय पुत्र विराट सिंह ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।
शुक्रवार देर रात जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामपुर चंद्रभान पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे। लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
शनिवार दोपहर पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के रूप में गांव से पटनवा पुल स्थित छोटी गंडक नदी के तट तक ले जाया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पूरे रास्ते लोगों ने नम आंखों से अपने गांव के लाल को विदाई दी। अंतिम संस्कार स्थल पर असम राइफल्स के जवानों ने सैन्य परंपरा के अनुरूप सलामी दी, जबकि स्थानीय पुलिस ने भी राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी अंतिम संस्कार में पहुंचे। उन्होंने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मंत्री ने कहा कि सत्येंद्र सिंह ने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन समर्पित किया है और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता और सहयोग का आश्वासन भी दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्येंद्र सिंह करीब सात वर्ष पहले असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती मेघालय की राजधानी शिलांग में थी। वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। 8 जुलाई की रात ड्यूटी के दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। साथी जवानों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई।
सत्येंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी सिमला देवी, नौ वर्षीय पुत्र विराट सिंह और दस वर्षीय पुत्री दिशा को छोड़ गए हैं। पति के निधन से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दोनों मासूम बच्चे अभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों का दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।
ग्रामीणों ने बताया कि सत्येंद्र सिंह बेहद मिलनसार, अनुशासित और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। छुट्टी के दौरान जब भी वह गांव आते थे, लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे। युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करना और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना उनकी आदतों में शामिल था। गांव के लोग उन्हें एक जिम्मेदार सैनिक के साथ-साथ एक अच्छे इंसान के रूप में भी याद करते हैं। अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दिवंगत जवान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की शक्ति देने की कामना की।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई के बीच पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारों से गूंज उठा। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि देश ने अपना एक समर्पित सैनिक खो दिया है, जबकि गांव ने अपना एक होनहार बेटा। सत्येंद्र सिंह की देश सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सादगी को उनके गांव के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह बनी कि उन्होंने अपने व्यवहार और सेवा भाव से लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया था।

इसे भी पढ़ें : इंटरव्यू में चयन नहीं होने के कुछ घंटे बाद देवरिया के युवक की ग्रेटर नोएडा में मौत, जांच में जुटी पुलिस


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

1 thought on “देवरिया के असम राइफल्स जवान सत्येंद्र सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि”

Leave a Reply

error: Content is protected !!