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मऊ में बोतलबंद पानी निकला दूषित, कोलीफार्म बैक्टीरिया से पीलिया का खतरा; दो कंपनियों का लाइसेंस रद्द

Published on: January 23, 2026
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जागृत भारत | मऊ(Mau): जनपद में बोतलबंद पानी की शुद्धता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सार्वजनिक विश्लेषक प्रयोगशाला अलीगंज, लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट में बोतलबंद पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया के साथ ही मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी पाई गई है। रिपोर्ट सामने आते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

बोतलबंद पानी में खतरनाक बैक्टीरिया का खुलासा

जांच रिपोर्ट के अनुसार बोतलबंद पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली है, जो सामान्यतः गंदे और दूषित जल स्रोतों में पाया जाता है। यह बैक्टीरिया पानी की गंभीर दूषित स्थिति को दर्शाता है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है।

दो कंपनियों का लाइसेंस निलंबित, कई पर कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो पानी कंपनियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा दो कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है और छह पानी संयंत्रों को नोटिस जारी कर सुधार करने का निर्देश दिया गया है। सुधार न करने पर इनके लाइसेंस भी निलंबित किए जाएंगे।

गोरखपुर की कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई

पिछले वर्ष मुंशीपुरा ओवरब्रिज स्थित कलावती ट्रेडर्स से बोतलबंद पानी का नमूना लिया गया था। यह पानी गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज स्थित रिलाइबल फ्रेश कंपनी से मंगाया गया था। जांच रिपोर्ट में यह नमूना असुरक्षित और फेल पाया गया, जिसमें मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी के साथ कोलीफार्म बैक्टीरिया मिला। इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए गोरखपुर के अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।

अन्य कंपनियों में भी खनिज तत्वों की कमी

मुहम्मदाबाद गोहना के अलाउद्दीनपुर स्थित मेसर्स जनता आर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड और दक्षिणटोला के संस्कृत पाठशाला स्थित मेसर्स सावित्री इंटरप्राइजेज से लिए गए नमूनों में भी मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा कम पाई गई। इन दोनों कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

दो संयंत्रों में मिली भारी गंदगी

दिसंबर माह में सरायलखंसी के परदहां स्थित मेसर्स मयंक इंटरप्राइजेज और मुहम्मदाबाद गोहना के अतरारी स्थित मेसर्स गुडवेल में छापेमारी के दौरान व्यापक गंदगी पाई गई थी। गंदगी को देखते हुए इन दोनों पानी संयंत्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं और आगे की रिपोर्ट आने पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।

छह पानी संयंत्रों को नोटिस जारी

छापेमारी के दौरान मुहम्मदाबाद गोहना के अलाउद्दीनपुर स्थित मेसर्स जनता आर्गेनिक, मधुबन के स्टेट बैंक के पास मेसर्स मीरा बेवरेज, दक्षिणटोला के संस्कृत पाठशाला स्थित मेसर्स सावित्री इंटरप्राइजेज, प्रभुटंडा स्थित मेसर्स अमृत नीर, कोपागंज के चंदनपुरा स्थित मेसर्स वैष्णवी ट्रेडर्स और मदनपुरा स्थित मेसर्स हिमालया गोल्ड में भी कई कमियां पाई गईं। इन सभी को सुधार के लिए नोटिस दिया गया है।

कोलीफार्म बैक्टीरिया से होने वाले खतरे

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय सिंह के अनुसार पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी दूषित जल का संकेत है। इससे पेट में संक्रमण, दस्त, उल्टी, टाइफाइड, हैजा और पीलिया (हेपेटाइटिस ए और ई) जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह संक्रमण जानलेवा भी साबित हो सकता है।

विभाग ने चेताया, प्रशिक्षण देने की तैयारी

सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि सुरक्षा सुरेश कुमार मिश्र ने कहा कि पानी संयंत्र संचालक जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। विभाग किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। संयंत्र संचालकों को पानी की शुद्धता और मानकों के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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