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यूपी: सोना-चांदी ने 15 लाख करोड़ से भर दी यूपी वालों की तिजोरी, इन धातुओं पर निवेश से करोड़पति बने लोग

Published on: January 22, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश में बीते दस वर्षों के दौरान खरीदा गया सोना और चांदी आम लोगों के लिए सबसे सुरक्षित और लाभकारी निवेश बनकर सामने आया है। कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी के कारण बिना शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश किए ही लोगों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई है।

10 साल में घर बैठे बढ़ी लोगों की दौलत

पिछले दस वर्षों में यूपी के लोगों ने जो सोना और चांदी खरीदी थी, वह आज करोड़ों रुपये की संपत्ति में बदल चुकी है। यह निवेश ऐसे समय में किया गया था जब इनके दाम अपेक्षाकृत कम थे, लेकिन समय के साथ कीमतों में आई तेजी ने आम लोगों को बड़ा लाभ दिया।

डीजीएफटी के आंकड़ों से सामने आई सच्चाई

डीजीएफटी के आयात आंकड़ों और उत्तर प्रदेश की औसतन 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर किए गए आकलन के अनुसार, पिछले दस वर्षों में यूपी में करीब

  • 4.4 लाख करोड़ रुपये का सोना

  • और लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की चांदी खरीदी गई।

मौजूदा बाजार भाव पर इन दोनों धातुओं की कीमत बढ़कर करीब 21 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुकी है।

20 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे भाव

20 जनवरी 2026 को बाजार में

  • सोना लगभग 1 लाख 53 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम

  • और चांदी करीब 3 लाख 22 हजार रुपये प्रति किलो

के स्तर पर पहुंच गई। इन दरों के आधार पर देखा जाए तो यूपी में मौजूद सोना-चांदी की कुल कीमत करीब 21 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

भारत में कितना होता है सोना-चांदी का आयात

भारत हर साल औसतन करीब

  • 700 टन सोना

  • और 5 से 6 हजार टन चांदी आयात करता है।

इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत मानी जाती है। इस हिसाब से

  • यूपी में हर साल करीब 105 टन सोना

  • और 1650 टन चांदी की खपत होती है।

दस वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर

  • 1050 टन सोना

  • और 16500 टन चांदी तक पहुंच चुका है।

जब खरीदा गया था, तब काफी सस्ते थे दाम

वर्ष 2015 से 2024 के बीच जब लोगों ने सोना और चांदी खरीदी थी, उस समय इनके दाम काफी कम थे।

  • सोने की औसत कीमत 26 हजार से 70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम

  • जबकि चांदी 40 से 95 रुपये प्रति ग्राम के बीच रही।

इन दस वर्षों में यूपी के लोगों ने सोना-चांदी की खरीद पर कुल मिलाकर करीब 6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे।

कीमत बढ़ने से 15 लाख करोड़ से ज्यादा का फायदा

आज वही सोना और चांदी मौजूदा बाजार भाव पर आंकी जाए तो इसकी कुल कीमत करीब 21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसका मतलब यह है कि केवल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ही प्रदेश के लोगों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।

विशेषज्ञों ने बताई तेजी की वजह

केडिया फिनटेक के सीईओ और बाजार विशेषज्ञ नितिन केडिया और ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के अनुसार,
वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, बढ़ती महंगाई, डॉलर में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण सोने की मांग लगातार बढ़ी है। वहीं चांदी को अमेरिका द्वारा रेयर प्रेशस मेटल की श्रेणी में शामिल किए जाने और सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन व इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में बढ़ती खपत ने इसके दामों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

पारंपरिक बचत से बनी सबसे बड़ी निजी संपत्ति

विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी के घरों, दुकानों और बैंक लॉकरों में रखा सोना-चांदी अब केवल पारंपरिक बचत नहीं रहा। यह प्रदेश की सबसे बड़ी निजी संपत्ति में बदल चुका है, जिसने बिना किसी जोखिम के आम लोगों की दौलत को कई गुना बढ़ा दिया है।

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