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डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल: तीन दिन कैमरे में कैद रख रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर से उड़ाए 17.5 लाख रुपये

Published on: January 11, 2026
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जागृत भारत | कानपुर(Kanpur): जनपद के चकेरी थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी और उनकी पत्नी को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 17.5 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। ठगों ने खुद को सीबीआई और अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को गंभीर अपराध में फंसाने का डर दिखाया।

घटना सामने आने के बाद चकेरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पीड़ित मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे हैं।

मुंबई में अवैध बैंक संचालन का लगाया आरोप

चकेरी थाना के सफीपुर निवासी बलवीर सिंह, जो वायुसेना से मास्टर वारंट ऑफिसर पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 13 नवंबर 2025 को उनके पास एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और उनका आधार कार्ड दिखाकर दावा किया कि उसी आधार के जरिए मुंबई में एक बैंक खाता खोला गया, जिससे अवैध लेनदेन किए गए हैं।

ठगों ने यह भी कहा कि आधार कार्ड उनके नाम का है, इसलिए उस बैंक और अवैध लेनदेन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर बनती है

लगातार तीन दिन बनाया मानसिक दबाव

पीड़ित के अनुसार उन्होंने बार-बार कहा कि उनका इस कथित बैंक और लेनदेन से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन ठगों ने उनकी एक न सुनी। तीन दिन तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखकर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया।

आरोपितों ने कहा कि क्राइम ब्रांच असली अपराधियों को नहीं ढूंढ पा रही, इसलिए उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही गिरफ्तारी की धमकी दी गई और अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया गया।

पत्नी को भी वीडियो कॉल पर रखा निगरानी में

ठगों ने बलवीर सिंह की पत्नी हरजीत कौर को भी वीडियो कॉल पर बुलाया और दोनों को लगातार कैमरे के सामने रहने के लिए मजबूर किया। उन्हें साफ निर्देश दिया गया कि फोन बंद नहीं करना है और किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं करना है।

इस दौरान आरोपितों ने परिवार से जुड़ी निजी जानकारियां भी जुटाईं और एक नकली वेरिफिकेशन प्रक्रिया दिखाकर डर का माहौल और गहरा कर दिया।

शौचालय और सोने तक की भी नहीं थी इजाजत

पीड़ित के अनुसार ठगों ने उन्हें इस कदर डरा दिया कि शौचालय जाने, सोने या किसी से बात करने तक की अनुमति नहीं थी। आरोपितों ने फर्जी वारंट भेजकर कहा कि उनके मामले की सुनवाई के लिए एक जज नियुक्त किया जाएगा, जो फैसला देगा।

इस पूरे समय पीड़ित अपने ही घर में कैद जैसा माहौल महसूस कर रहे थे।

पैसे देकर निपटाने की रखी शर्त

दबाव बनाकर ठगों ने मामला निपटाने के लिए पैसों की मांग शुरू कर दी। 14 नवंबर 2025 को बलवीर सिंह ने उनके बताए गए खाते श्री प्रकाश (खाता संख्या 20410894277, पेमेंट बैंक) में 12.5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

उधार लेकर दिए 5 लाख रुपये

इसके अगले दिन 15 नवंबर 2025 को ठगों ने कोर्ट और वकील फीस के नाम पर 5 लाख रुपये और मांगे। रकम पास न होने पर बलवीर सिंह ने एक पारिवारिक परिचित से पैसे उधार लेकर सुपर ट्रेडर्स (खाता संख्या 0838102100001932) में 5 लाख रुपये नकद जमा कर दिए।

इसके बाद जब उन्होंने आरोपितों से संपर्क करने की कोशिश की तो फोन उठना बंद हो गया, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी

थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्र ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल की मदद से ठगों की तलाश की जा रही है।

गोल्डन आवर में शिकायत करना है बेहद जरूरी

गोल्डन आवर का मतलब पहले 60 मिनट से है। यदि पीड़ित इस दौरान 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर सही जानकारी देता है, तो शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जाती है। इसके बाद संबंधित बैंक खाते को तुरंत फ्रीज किया जा सकता है। सभी बैंकों की साइबर सेल 24 घंटे सक्रिय रहती है।

साइबर ठगी से बचाव के लिए रखें ये सावधानियां

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें

  • अनजान ऐप इंस्टॉल न करें

  • गेमिंग ऐप पर सट्टा न लगाएं

  • बैंकिंग और UPI ऐप का पिन व बायोमेट्रिक डिवाइस से अलग रखें

  • किसी भी वीडियो या फोटो का सत्यापन करें, वह डीपफेक भी हो सकता है

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