Breaking News

वाह रे राजनीति! महाराष्ट्र में बीजेपी–कांग्रेस साथ आए, इस सीट पर हुआ ऐतिहासिक ‘खेला’, क्या एकनाथ शिंदे को लगा झटका?

Published on: January 7, 2026
bjp-congress-alliance-maharashtra-ambarnath-shinde

जागृत भारत | महाराष्ट्र (Maharashtra): राजनीति में एक बार फिर यह कहावत सच साबित होती दिखी कि राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न ही स्थायी दुश्मन। महाराष्ट्र निकाय चुनावों के बीच ऐसा ही एक अप्रत्याशित दृश्य अंबरनाथ नगर परिषद में सामने आया है, जहां वर्षों से एक-दूसरे की कट्टर विरोधी रही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने एक-दूसरे का हाथ थाम लिया है।

अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर रखने के लिए बीजेपी और कांग्रेस एक साझा रणनीति पर सहमत नजर आईं। इस गठबंधन को लेकर शिंदे गुट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे “विश्वासघात” और “अवसरवादी गठबंधन” करार दिया है।

Maharashtra
 

शिंदे गुट का हमला: कार्यकर्ताओं में भ्रम

शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर ने कहा कि सत्ता के लिए बीजेपी को कांग्रेस के साथ गठबंधन करने में कोई संकोच नहीं है। वहीं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक भी है और इसे मजबूत व अटूट रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के फैसलों से कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा होता है।

श्रीकांत शिंदे ने यह भी याद दिलाया कि अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना सत्ता में थी और वहां कई विकास कार्य किए गए। उनके मुताबिक शिवसेना ने हमेशा विकास की राजनीति की है और आगे भी उसी रास्ते पर चलेगी।

बीजेपी का पलटवार: आरोप सिरे से खारिज

शिंदे गुट के आरोपों को बीजेपी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि यदि बीजेपी पिछले 25 वर्षों से भ्रष्टाचार करने वाले शिंदे गुट के साथ सत्ता में बैठती, तो वही असली “अभद्र गठबंधन” होता।

उन्होंने दावा किया कि अंबरनाथ नगर परिषद में महायुति के तहत साथ आने के लिए शिंदे गुट से कई बार बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ऐसे में बीजेपी के पास अन्य विकल्प तलाशने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

महायुति में दरार के संकेत

बीजेपी और कांग्रेस के बीच हुए इस अप्रत्याशित गठबंधन ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर की खींचतान को भी उजागर कर दिया है। राज्य की 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों में से 24 में महायुति के सहयोगी दल एकसाथ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। हालांकि, मुंबई, ठाणे और कोल्हापुर में बीजेपी और शिवसेना साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।

अंबरनाथ नगर परिषद का गणित

अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की तेजश्री करंजुले अध्यक्ष चुनाव में विजयी हुई हैं। परिषद में बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के 4 पार्षदों के समर्थन से सत्तापक्ष के पास कुल 32 पार्षद हो गए हैं।

यदि कांग्रेस के 12 पार्षदों का समर्थन न होता, तो बीजेपी के पास अध्यक्ष सहित केवल 20 पार्षद होते, जो बहुमत के आंकड़े से काफी कम थे। कांग्रेस के समर्थन से अब बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है, जिससे नगर परिषद के सदन में कामकाज का सुचारू संचालन संभव हो सकेगा।

कुल मिलाकर, अंबरनाथ नगर परिषद में बना यह नया सियासी समीकरण महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और बड़े बदलावों के संकेत दे रहा है।

पार्टी लाइन से कभी नहीं हटे: शशि थरूर ने विवादों पर दी सफाई, कहा—पूरा पढ़े बिना बन जाती हैं सुर्खियाँ


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!