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उत्तर प्रदेश सरकार देगी महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और मोबाइल फोन, मिशन शक्ति 5.0 के तहत बड़ा फैसला

Published on: December 31, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): प्रदेश में महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश के सभी मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और सरकारी मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे महिला पुलिसकर्मियों की मौके पर त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी और कार्रवाई में तेजी आएगी।

1600 केंद्रों को मिलेंगी 6400 स्कूटी और 1600 मोबाइल

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी और एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि प्रदेश में मिशन शक्ति के तहत कुल 1600 केंद्र संचालित हैं। प्रत्येक केंद्र को चार-चार स्कूटी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस प्रकार प्रदेशभर में महिला पुलिसकर्मियों को कुल 6400 स्कूटी दी जाएंगी। इसके साथ ही हर मिशन शक्ति केंद्र को एक सरकारी मोबाइल फोन भी दिया जाएगा, यानी कुल 1600 मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाएंगे।

संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं मिशन शक्ति केंद्र

मिशन शक्ति केंद्र प्रदेश के भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों जैसे स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक स्थल और महिलाओं की अधिक आवाजाही वाले इलाकों में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर केवल महिला पुलिसकर्मियों की ही तैनाती होती है, जो महिला अपराध या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करती हैं।

रेस्पांस टाइम कम करने की दिशा में पहल

एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि किसी भी महिला अपराध की सूचना पर महिला पुलिसकर्मियों का मौके पर जल्द पहुंचना बेहद जरूरी होता है। स्कूटी मिलने से महिला पुलिसकर्मी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल तक पहुंच सकेंगी। इससे रेस्पांस टाइम कम होगा और पीड़िता को त्वरित सहायता मिल सकेगी।

पुलिसिंग में आएगी गति, कार्रवाई होगी प्रभावी

स्कूटी मिलने से महिला पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में गश्त करने, शिकायत पर तुरंत पहुंचने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सहूलियत होगी। इससे न केवल महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर लगाम लगेगी, बल्कि अपराध होने से पहले ही उन्हें रोका जा सकेगा।

मोबाइल फोन से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

मिशन शक्ति केंद्रों को दिए जाने वाले सरकारी मोबाइल फोन में विशेष एप इंस्टॉल रहेगा। इस एप पर हर सूचना, शिकायत और घटना का विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे वरिष्ठ अधिकारी रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे और मौके की स्थिति पर तत्काल निर्देश दे सकेंगे। साथ ही महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।

2026 में और सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी

एडीजी के अनुसार वर्ष 2026 में मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि महिला उत्पीड़न और अपराध से जुड़े मामलों में न सिर्फ सख्त कार्रवाई की जाए, बल्कि ऐसी घटनाओं को होने से पहले ही रोका जाए।

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