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69000 शिक्षक भर्ती: फिर टली सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, शिक्षकों में आक्रोश; अब फरवरी में मिली नई तारीख

Published on: December 17, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): 69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके चलते आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को तय की गई है, जिसके लिए स्पेशल बेंच गठित की जाएगी

सुनवाई टलने से अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने की सूचना मिलते ही 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश फैल गया। खासकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने इसे अपने भविष्य के साथ अन्याय बताया है। उनका कहना है कि वर्षों से चल रहा यह मामला अब तक निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंच पाया है।

अब 4 फरवरी 2026 को होगी अगली सुनवाई

69000 शिक्षक भर्ती मामले की अब अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होगी। इस सुनवाई के लिए विशेष पीठ (स्पेशल बेंच) के गठन की बात कही गई है। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि दिसंबर में ही इस प्रकरण का अंतिम फैसला आ जाएगा, लेकिन सुनवाई टलने से उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

पिछली सुनवाई और उम्मीदें

अभ्यर्थियों के अनुसार, इस मामले में पिछली सुनवाई 18 नवंबर को हुई थी, जो लगभग एक घंटे तक चली थी। इसके बाद कोर्ट ने 16 दिसंबर को अगली तारीख तय की थी। माना जा रहा था कि दिसंबर की सुनवाई में इस प्रकरण का अंतिम निर्णय आ सकता है, लेकिन सुनवाई न हो पाने से यह मामला एक बार फिर लटक गया।

सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी न करने का आरोप

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में ठोस जवाब देने से बच रही है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी न किए जाने के कारण ही मामला बार-बार टल रहा है।

पांच साल से जारी है अभ्यर्थियों की लड़ाई

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से 69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सरकार को इस पूरे प्रकरण का तीन महीने के भीतर निपटारा करना था, लेकिन यह समयसीमा अब काफी पहले ही पार हो चुकी है।

हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप

अभ्यर्थियों ने कहा कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकार ने अब तक इस भर्ती विवाद का समाधान नहीं किया। इससे न केवल न्याय प्रक्रिया में देरी हो रही है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है।

अभ्यर्थियों का आरोप: हमारा हक छीना गया

इस भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी देव गुप्ता और इरशाद अहमद ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में उनके साथ अन्याय हुआ है और उनका संवैधानिक हक छीना गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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