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यूपी विश्वविद्यालयों में खत्म हो सकता है बैक पेपर सिस्टम, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए बड़े निर्देश

Published on: November 13, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब बैक एग्जाम सिस्टम (Back Exam System) खत्म होने की दिशा में कदम बढ़ सकते हैं। राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को समर्थ पोर्टल की समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार किया जाए, ताकि उन्हें बैक पेपर देने की नौबत ही न आए। उन्होंने कहा कि शिक्षण और परीक्षा प्रणाली को इस तरह मजबूत किया जाए कि विद्यार्थी पहली बार में ही सफल हों।


सभी शैक्षणिक कार्य ‘समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से होंगे संचालित

राज्यपाल ने निर्देश दिया कि नामांकन, परीक्षा, परिणाम, फीस भुगतान, काउंसलिंग, प्रैक्टिकल परीक्षा और डिजिलॉकर इंटीग्रेशन जैसे सभी कार्य समर्थ पोर्टल के जरिए ही किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को समर्थ पोर्टल के 39 मॉड्यूल्स पर पूर्ण दक्षता हासिल करनी होगी।

इसके साथ ही राजभवन स्तर पर एक विशेषज्ञ टीम गठित की जाएगी, जिसे समर्थ पोर्टल अधिकारी प्रशिक्षित करेंगे ताकि विश्वविद्यालयों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।


सीबीसीएस और एनईपी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि ये नीतियां विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि जिन छात्रों ने फीस जमा करने के बाद प्रवेश नहीं लिया है, उनकी फीस वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


प्रत्येक विश्वविद्यालय में बनेगी आईटी विशेषज्ञों की टीम

राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय सत्र की समयबद्ध शुरुआत करें और छात्रों को समर्थ पोर्टल के उपयोग की पूरी जानकारी दें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के छोटे वीडियो बनाकर यूट्यूब पर साझा करें, जिससे पारदर्शिता और जागरूकता बढ़े।


निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और छात्रावास प्रबंधन पर सख्त निर्देश

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखनी चाहिए और केवल आवश्यकतानुसार नए निर्माण किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र अपने छात्रावासों का संचालन स्वयं करना सीखें, ताकि उनमें नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।


बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर

राज्यपाल ने महिला छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्रा बिना कारण छात्रावास से बाहर जाती है, तो अभिभावकों को तुरंत सूचना दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय अपने गोद लिए गए गांवों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दें।


ग्रामीण बच्चों को मिलेगा स्विमिंग प्रशिक्षण का अवसर

राज्यपाल ने कहा कि जिन विश्वविद्यालयों में स्विमिंग पूल हैं, वहां आसपास के गांवों के बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी खेल और फिटनेस के प्रति जागरूक हो सकें।


बैठक में मौजूद रहे अधिकारी व कुलपति

बैठक में विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, पंकज एल. जानी, राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी, समर्थ पोर्टल के अधिकारी, तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और कुलसचिव मौजूद रहे।

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