Breaking News

जौनपुर में खालिद दूबे का निकाह बना सामाजिक सौहार्द की मिसाल, 100 से अधिक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिया आशीर्वाद

Published on: December 15, 2025
jaunpur-khalid-dubey-nikah-hindu-muslim-ekta

जागृत भारत | जौनपुर(Jaunpur): जौनपुर के केराकत क्षेत्र में एक ऐसा विवाह समारोह देखने को मिला, जिसने धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे और एकता का संदेश दिया। डेहरी गांव निवासी नौशाद अहमद दूबे के भतीजे खालिद दूबे के निकाह और उसके बाद आयोजित दावते वलीमा कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा।

निकाह के बाद बहूभोज में दिखा अनूठा दृश्य

खालिद दूबे का निकाह शनिवार को सम्पन्न हुआ, जबकि रविवार को आयोजित बहूभोज (दावते वलीमा) कार्यक्रम चर्चा का केंद्र बना रहा। इस अवसर पर 100 से अधिक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वर-वधू को आशीर्वाद दिया। यह दृश्य हिंदू-मुस्लिम एकता और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत उदाहरण बना।

धार्मिक सौहार्द का दिया गया संदेश

कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम परिवारों के सदस्यों ने एक-दूसरे से मिलकर भावनात्मक क्षण साझा किए। सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर नवदंपती को शुभकामनाएं दीं और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। यह आयोजन यह दर्शाता है कि परंपराएं और विश्वास लोगों को जोड़ने का काम कर सकते हैं।

पूर्वजों की विरासत भी बनी चर्चा का विषय

इस विवाह समारोह का निमंत्रण पत्र पहले से ही चर्चा में रहा। इसमें उल्लेख किया गया था कि खालिद दूबे के पूर्वज आठ पीढ़ी पहले आजमगढ़ से आए लालबहादुर दूबे के वंशज हैं। इसी कड़ी में नौशाद अहमद दूबे ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में फैले हिंदू और मुस्लिम रिश्तेदारों को आमंत्रित किया था। हालांकि परिवार में पूर्वजों के टाइटिल को लेकर पूर्व में विवाद की स्थिति भी रही है, फिर भी इस आयोजन ने आपसी रिश्तों को मजबूती दी।

संत-महंतों ने भी दिया आशीर्वाद

कार्यक्रम में पातालगिरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक देवाचार्य महाराज, महंत जगदीश्वर महाराज सहित काशी से आए वैदिक ब्राह्मणों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही कई हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन की सराहना की।

सामाजिक समरसता की नई मिसाल

खालिद दूबे का यह विवाह समारोह केवल एक पारिवारिक खुशी का अवसर नहीं रहा, बल्कि इसने समाज को एक नई दिशा दिखाई। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि आपसी सम्मान और संवाद से सामाजिक एकता को मजबूत किया जा सकता है। यह आयोजन आने वाले समय में क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बनेगा।

मुख्तार की पत्नी आफसा अंसारी और पशु तस्कर वहाब समेत 16 की गिरफ्तारी के लिए STF अलर्ट, DIG ने सौंपी मोस्ट वांटेड सूची

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

1 thought on “जौनपुर में खालिद दूबे का निकाह बना सामाजिक सौहार्द की मिसाल, 100 से अधिक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिया आशीर्वाद”

Leave a Reply

error: Content is protected !!