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नोएडा इंजिनियर मौत मामला: लापरवाही के आरोप में बिल्डर गिरफ्तार, SIT ने शुरू की जांच; पांच दिन में मांगी गई रिपोर्ट

Published on: January 22, 2026
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जागृत भारत | नोएडा(Noida): सेक्टर-150 में निर्माणाधीन व्यावसायिक परिसर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रियल एस्टेट डेवलपर को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को की गई।

लापरवाही के आरोप में MZ Wiztown Planners के अधिकारी की गिरफ्तारी

ग्रेटर नोएडा के अपर पुलिस आयुक्त हेमंत उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि MZ Wiztown Planners के अधिकारी और मामले में नामजद अभियुक्त अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभय कुमार पर निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही बरतने का आरोप है, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।

दो बिल्डरों के खिलाफ FIR, पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने मृतक युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता की तहरीर पर

  • MZ Wiztown Planners

  • Lotus Greens

नामक दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन स्थल पर

  • गड्ढा खुला छोड़ा गया

  • न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया

  • न बैरिकेडिंग की गई

  • न ही सुरक्षा व्यवस्था की गई

जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल दूसरे अभियुक्त बिल्डर के खिलाफ किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कैसे हुआ हादसा: घने कोहरे में कार फिसलकर गड्ढे में गिरी

यह हादसा शनिवार, 17 जनवरी 2026 की तड़के हुआ था। जानकारी के अनुसार, घने कोहरे के कारण युवराज मेहता की कार फिसल गई नाले की बाउंड्री तोड़ते हुए एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी यह गड्ढा एक निर्माणाधीन कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट के लिए खोदा गया था। कार के गड्ढे में गिरने के कारण युवराज की मौके पर ही मौत हो गई।

SIT ने शुरू की जांच, घटनास्थल का निरीक्षण

इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को जांच शुरू कर दी। SIT का नेतृत्व मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर कर रहे हैं। SIT ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया, नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की, घटना के हालात और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की

पांच दिन में रिपोर्ट देने का आदेश

एडीजी भानु भास्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा,

“हमें सभी पहलुओं की जांच के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। हम यह तय करेंगे कि गलती किसकी थी और इस हादसे को रोकने के लिए क्या किया जा सकता था।”

उन्होंने आगे बताया कि SIT

  • नगर निकाय

  • पुलिस

  • आपातकालीन सेवाओं की भूमिका की भी समीक्षा करेगी और पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। SIT मृतक के पिता से भी बातचीत करेगी।

SIT में कौन-कौन शामिल

इस तीन सदस्यीय SIT में शामिल हैं—

  • भानु भास्कर, एडीजी, मेरठ जोन

  • भानु चंद्र गोस्वामी, मेरठ मंडलायुक्त

  • अजय वर्मा, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD)

डीएम ने मीडिया के सवालों से बनाई दूरी

जांच के दौरान SIT के साथ मौजूद नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों से दूरी बनाए रखी और कोई बयान नहीं दिया।

मुख्यमंत्री के आदेश पर हुआ SIT का गठन, CEO हटाए गए

जनआक्रोश और लापरवाही के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 की शाम को SIT गठित करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही राज्य सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और वरिष्ठ IAS अधिकारी लोकेश एम को पद से हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत (वेटलिस्ट) कर दिया।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत दर्ज की है—

  • धारा 105 – गैर इरादतन हत्या

  • धारा 106 – लापरवाही से मौत

  • धारा 125 – ऐसा कृत्य जिससे जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा

  • अन्य संबंधित धाराएं

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