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सतुआ बाबा कौन हैं, योगी ने क्यों कहा—अंत में उनके पास जाना होगा? 3 करोड़ की लैंड रोवर से चलते हैं, रे-बैन पहनते हैं; असली नाम कुछ और…

Published on: January 11, 2026
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जागृत भारत | प्रयागराज(Prayagraj): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान के बाद संत सतुआ बाबा उत्तर प्रदेश की सियासत के केंद्र में आ गए हैं। 10 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कहा कि “सतुआ बाबा समाज को जोड़ने का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। जो नहीं जुड़ेगा, वह अंतिम समय में सतुआ बाबा की शरण में जाएगा। वह काशी के मणिकर्णिका घाट पर बैठते हैं।”

योगी के इस बयान के बाद सतुआ बाबा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


कौन हैं सतुआ बाबा?

सतुआ बाबा का असली नाम संतोष तिवारी उर्फ संतोष दास है। वे यूपी के ललितपुर के रहने वाले हैं और विष्णु स्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के पीठाधीश्वर हैं। इस परंपरा में पीठ के प्रमुख को ही ‘सतुआ बाबा’ कहा जाता है।
11 साल की उम्र में घर छोड़कर अध्यात्म की राह चुनने वाले संतोष दास, इस संप्रदाय के 57वें आचार्य हैं। महाकुंभ-2025 में उन्हें जगतगुरु की उपाधि दी गई थी।


माघ मेले में सबसे बड़ा आश्रम, सबसे महंगी कार

प्रयागराज माघ मेले में सतुआ बाबा को सबसे अधिक जमीन अलॉट की गई है। उनका आश्रम मेले का सबसे बड़ा शिविर माना जा रहा है।
शिविर के बाहर खड़ी करीब 3 करोड़ रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर कार ने सबका ध्यान खींचा है, जो माघ मेले में आए साधु-संतों की सबसे महंगी कार बताई जा रही है।
महंगे रे-बैन सनग्लास और हेलिकॉप्टर-हवाई जहाज के साथ उनकी तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं।


योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं सतुआ बाबा

सतुआ बाबा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है।
जगतगुरु की पदवी मिलने के कार्यक्रम में योगी खुद मौजूद थे। कुंभ मेले के दौरान संगम स्नान के समय भी सतुआ बाबा, योगी के साथ नजर आए थे।


DM की रोटी और सियासी तकरार

सतुआ बाबा को लेकर सियासत तब और गरमा गई जब प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा 24 दिसंबर को उनके आश्रम पहुंचे और कोट पहने हुए चूल्हे पर रोटी सेंकते दिखे।
इस घटना के छह दिन बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज आए और अधिकारियों को नसीहत दी—
“जाम देखो, सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में मत पड़ो, फील्ड में काम करो।”

इसके बाद यह मामला योगी आदित्यनाथ और केशव मौर्य के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जाने लगा।


योगी का विपक्ष पर हमला

प्रयागराज में जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
“जाति और संप्रदाय के नाम पर बंटवारा देश को बांग्लादेश जैसी स्थिति में ले जाएगा।”

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा—
“सेकुलरिज्म के नाम पर हिंदू धर्म को तोड़ने की कोशिश हो रही है, लेकिन बांग्लादेश की घटनाओं पर इनका मुंह बंद है।”


सियासत के केंद्र में क्यों हैं सतुआ बाबा?

  • माघ मेले में सबसे ज्यादा जमीन अलॉटमेंट
  • DM का आश्रम में जाकर रोटी बनाना
  • डिप्टी सीएम का सार्वजनिक तंज
  • और योगी आदित्यनाथ का खुलकर समर्थन

इन सब कारणों से सतुआ बाबा सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि यूपी की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम बनकर उभरे हैं।

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