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27 साल बाद कानून के शिकंजे में आया दोहरे हत्याकांड का आरोपी, पहचान बदलकर भोपाल में ‘जमील’ बनकर रह रहा था

Published on: July 19, 2026
Clutches of law after 27 years
जागृत भारत,आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा पुलिस ने 27 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी वर्ष 1999 में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने न केवल अपनी पहचान बदल ली, बल्कि खुद को मृत घोषित करवा दिया और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नई पहचान के साथ सामान्य जीवन जीने लगा। आखिरकार तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 1999 का है। खेरागढ़ क्षेत्र के नगला कमाल चौराहे पर तीन पुलिसकर्मी चाय की दुकान के पास अलाव ताप रहे थे। उसी दौरान लूट की योजना बना रहे एक बदमाश गिरोह की नजर पुलिसकर्मियों पर पड़ी। गिरोह के सरगना रमेश कुशवाह, भूरा, साधु, धाधू और उनके अन्य साथियों ने पुलिसकर्मियों की सरकारी राइफलें लूटने के इरादे से हमला कर दिया।
हमले के दौरान पुलिसकर्मियों ने बहादुरी से बदमाशों का सामना किया, लेकिन बदमाश दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर उनकी राइफलें लूटकर फरार हो गए। इस घटना ने उस समय पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाया था।
आगरा के डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी रमेश कुशवाह और उसका साथी नरेंद्र तोमर बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। जबकि इस मामले के पांच अन्य आरोपियों को अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि, गिरोह का सदस्य भूरा लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए भूरा ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। उसने ‘जमील पुत्र फारुख खान’ के नाम से नए दस्तावेज तैयार कराए और भोपाल में रहने लगा। वहां उसने शादी की, दो बच्चों का पिता बना और ड्राइवर के रूप में काम करने लगा। पुलिस से बचने के लिए उसने अपने पुराने परिवार और परिचितों से लगभग सभी संपर्क समाप्त कर दिए थे। उसके परिजन भी लगातार पुलिस को यही बताते रहे कि भूरा की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस को सूचना मिली कि भूरा ने हाल ही में अपने जीजा से फोन पर बातचीत की है। इसके बाद पुलिस ने उसके रिश्तेदारों से पूछताछ की और तकनीकी निगरानी के जरिए उसका मोबाइल नंबर तथा उससे जुड़े दस्तावेज जुटाए। दस्तावेजों और तस्वीरों के मिलान के बाद यह पुष्टि हुई कि भोपाल में ‘जमील’ नाम से रह रहा व्यक्ति ही फरार आरोपी भूरा है।
इसके बाद आगरा पुलिस की टीम ने भोपाल पहुंचकर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। करीब 27 वर्षों तक कानून की आंखों में धूल झोंकने वाला आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने कहा कि चाहे अपराधी कितने भी वर्षों तक फरार रहे या अपनी पहचान बदल ले, कानून के हाथ लंबे होते हैं और अंततः उसे न्याय के कटघरे तक पहुंचाया ही जाता है।

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