Breaking News

यूपी : जिला पंचायत चुनाव से पहले संभल में सियासी भूचाल, बाहुबली डीपी यादव के पोस्टरों से गरमाए समीकरण

Published on: January 11, 2026
sambhal-zila-panchayat-election-dp-yadav-posters-politics

जागृत भारत | संभल(Sambhal): जनपद में इस वर्ष संभावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही जिला पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और संभावित प्रत्याशी मैदान में उतरते दिखाई देने लगे हैं। गांवों से लेकर कस्बों तक पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगने लगे हैं, वहीं सामाजिक और जनसंपर्क गतिविधियां भी लगातार बढ़ रही हैं।

बाहुबली डीपी यादव के पोस्टरों से बदले सियासी संकेत

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम पहलू तब सामने आया, जब संभल के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता डीपी यादव के समर्थन से जुड़े पोस्टर और बैनर जिले के अलग-अलग इलाकों में नजर आने लगे। इन पोस्टरों के सामने आते ही सियासी समीकरण गर्मा गए। हालांकि डीपी यादव की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनके नाम और तस्वीरों की मौजूदगी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

गांव से लेकर कस्बों तक खुलकर सामने आ रही राजनीति

जिला पंचायत वार्डों को केंद्र में रखकर गांवों, बाजारों और कस्बों में राजनीतिक गतिविधियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी दलों में अंदरखाने रणनीतियां बन रही हैं। संभावित दावेदारों ने अभी से जमीन पर सक्रियता बढ़ा दी है और अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं।

बैठकों से आगे बढ़ी चुनावी तैयारियां

वर्तमान समय में जिला पंचायत चुनाव की तैयारी केवल बैठकों तक सीमित नहीं रह गई है। इंटरनेट मीडिया, व्यक्तिगत संपर्क, वार्ड स्तरीय पंचायतें और प्रचार गतिविधियां भी तेजी से चल रही हैं। मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष और संगठनात्मक पदाधिकारी वार्डवार गणित बैठाने में लगे हुए हैं और अपने समर्थित चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

जातिगत संतुलन और लोकप्रियता बने निर्णायक फैक्टर

हर बार की तरह इस बार भी लोकप्रियता के साथ जातिगत संतुलन जिला पंचायत चुनाव में निर्णायक फैक्टर के रूप में उभर रहा है। प्रत्येक वार्ड में यह आकलन किया जा रहा है कि किस वर्ग का वोट प्रभावी रहेगा और उसी आधार पर संभावित प्रत्याशियों की दिशा तय की जा रही है। इसी वजह से कई वार्डों में समीकरण काफी जटिल होते जा रहे हैं।

एक ही दल में कई दावेदार, बढ़ी अंदरूनी खींचतान

राजनीतिक दलों के लिए स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हो गई है, क्योंकि कई वार्डों में एक ही पार्टी के भीतर एक से अधिक दावेदार सामने आ चुके हैं। इससे अंदरूनी खींचतान की स्थिति बनती नजर आ रही है। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर-बैनरों की बढ़ती संख्या इसी सियासी प्रतिस्पर्धा को दर्शा रही है।

डीपी यादव की मौजूदगी से बढ़ी दिग्गजों की चिंता

इसी बीच जब बाहुबली डीपी यादव के पोस्टर जिले के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देने लगे, तो राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि डीपी यादव प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से चुनावी मैदान में सक्रिय हुए, तो मौजूदा सियासी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

समाजवादी पार्टी ने कार्यकर्ताओं को दी सख्त हिदायत

समाजवादी पार्टी की ओर से संगठनात्मक स्तर पर साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी कार्यकर्ता खुद को पार्टी प्रत्याशी घोषित नहीं करेगा। केवल “संभावित प्रत्याशी” शब्द का ही प्रयोग किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और अंतिम निर्णय संगठन स्तर पर ही लिया जाएगा।

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा—
“पंचायत चुनाव को लेकर संगठन पूरी तरह अनुशासित तरीके से काम कर रहा है। स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी कार्यकर्ता खुद को पार्टी प्रत्याशी घोषित न करे। सभी संभावित नामों पर निर्णय संगठन और हाईकमान स्तर पर होगा। फिलहाल कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय रहने के निर्देश हैं।”

भाजपा में भी तेज हुई अंदरूनी कवायद

भाजपा में भी जिला पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज है। गुन्नौर, चंदौसी, संभल और असमोली विधानसभा क्षेत्रों में दिग्गज नेता वार्ड स्तर पर संतुलन साधने में जुटे हैं और अपने समर्थकों को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह उर्फ रिंकू चौधरी ने कहा—
“जिला पंचायत चुनाव संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अभी प्रत्याशियों को लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। पार्टी सामाजिक संतुलन, संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की मेहनत के आधार पर हर वार्ड में मजबूत प्रत्याशी उतारेगी।”

बसपा और कांग्रेस भी तैयारियों में जुटीं

बहुजन समाज पार्टी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह जिला पंचायत के सभी वार्डों पर अपने समर्थन के प्रत्याशी उतारेगी
बसपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया—
“सभी कार्यकर्ताओं को संगठित होकर मजबूत दावेदार को सामने लाने की रणनीति पर काम चल रहा है।”

वहीं कांग्रेस पार्टी भी बिना किसी गठबंधन के मैदान में उतरने की तैयारी में है।
कांग्रेस जिला कोऑर्डिनेटर विजय शर्मा ने कहा—
“पार्टी बिना किसी गठबंधन के जिला पंचायत चुनाव लड़ेगी। इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व की गाइडलाइन का इंतजार है, फिलहाल कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर तैयारी करने को कहा गया है।”

आने वाले चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा पंचायत चुनाव

कुल मिलाकर संभल का जिला पंचायत चुनाव अब केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सियासी गर्मी और तेज होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

पूर्वांचल में सर्दी का बढ़ा असर: वाराणसी सहित कई जिलों में घना कोहरा और तेज पछुआ हवाओं से गलन

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

At Gorakhpur University

गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ बने सांसद रवि किशन, पहली क्लास में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Before the Bankipur by-election, people

बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को झटका, कई नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

Clutches of law after 27 years

27 साल बाद कानून के शिकंजे में आया दोहरे हत्याकांड का आरोपी, पहचान बदलकर भोपाल में ‘जमील’ बनकर रह रहा था

Parliament's monsoon session begins on Monday

सोमवार से संसद का मानसून सत्र, सरकार-विपक्ष आमने-सामने; कई अहम विधेयकों और विवादित मुद्दों पर टकराव के आसार

Iran's Supreme Leader on America

ईरान के सर्वोच्च नेता का अमेरिका पर हमला, बोले- ‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं, अमेरिका को मिलेगा जवाब’

Deoria Anganwadi workers in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

Leave a Reply

error: Content is protected !!