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मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई: ₹5 करोड़ नकद, ₹8 करोड़ की ज्वेलरी और ₹35 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज जब्त

Published on: January 4, 2026
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जागृत भारत | नई दिल्ली(New Delhi): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में भारी मात्रा में नकदी, कीमती आभूषण और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी ने करीब ₹5 करोड़ नकद, ₹8 करोड़ से अधिक मूल्य की सोने-हीरे की ज्वेलरी और लगभग ₹35 करोड़ की संपत्तियों के दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।

15 से ज्यादा FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

ED के अनुसार, यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई है। इन मामलों में अवैध वसूली, निजी फाइनेंसरों के कर्ज का जबरन सेटलमेंट, हथियारों के दम पर धमकी और ऐसे अवैध सौदों से कमीशन कमाने के आरोप शामिल हैं।

कथित ‘स्ट्रॉन्गमैन’ इंदरजीत यादव पर शिकंजा

यह मामला कथित स्ट्रॉन्गमैन इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों से जुड़ा बताया जा रहा है। ED के मुताबिक, इंदरजीत यादव फिलहाल फरार है और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह उच्च मूल्य के निजी कर्ज लेन-देन में जबरन वसूली और डराने-धमकाने के जरिए सेटलमेंट कराने में भूमिका निभाता था।

दिल्ली में दूसरे दिन भी जारी रही तलाशी

एजेंसी ने दिल्ली के सर्वप्रिय विहार इलाके में स्थित एक परिसर में दूसरे दिन भी तलाशी अभियान चलाया। यह परिसर अमन कुमार से जुड़ा बताया जा रहा है, जो इस नेटवर्क का एक सहयोगी माना जा रहा है।

ED के एक अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान

  • ₹5.12 करोड़ नकद,

  • ₹8.80 करोड़ मूल्य की सोने और हीरे की ज्वेलरी से भरा एक सूटकेस,

  • और ₹35 करोड़ की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज व चेकबुक से भरा बैग बरामद किया गया।

नकदी की गिनती के लिए बैंकों के अधिकारियों की मदद ली गई।

निजी फाइनेंसरों और कॉरपोरेट कंपनियों का गठजोड़

ED का आरोप है कि कुछ कॉरपोरेट हाउस, जिनमें Apollo Green Energy Ltd समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं, झज्जर (दिघल) स्थित निजी फाइनेंसरों से भारी मात्रा में नकद कर्ज लेती थीं। इसके बदले सुरक्षा के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक दिए जाते थे।

धमकी, हथियार और विदेशी गिरोहों का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि इंदरजीत यादव इन सौदों में एन्फोर्सर की भूमिका निभाता था। कर्ज और वित्तीय विवादों का सेटलमेंट

  • धमकी,

  • हथियारबंद सहयोगियों,

  • और विदेश से संचालित संगठित अपराध गिरोहों की मदद से
    कराया जाता था। इन लेन-देन की कुल राशि सैकड़ों करोड़ रुपये बताई जा रही है।

आगे और खुलासों की संभावना

ED ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व संपत्ति जब्ती हो सकती हैं। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की गहन पड़ताल कर रही है।

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