जागृत भारत,जकार्ता : इंडोनेशिया में भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर सरकारी अधिकारियों से कथित रूप से प्रभाव बनाने और रक्षा क्षेत्र के बड़े सौदों तक पहुंच हासिल करने के आरोप लगे हैं। यह दावा एक संयुक्त खोजी रिपोर्ट में किया गया है, जिसे ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और इंडोनेशियाई प्रकाशन Tempo ने प्रकाशित किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, गौरव श्रीवास्तव ने उस समय इंडोनेशिया के तत्कालीन रक्षा मंत्री और वर्तमान राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से करीबी संबंध स्थापित किए थे। बताया गया है कि दोनों के बीच संबंध इतने घनिष्ठ थे कि प्राबोवो कथित तौर पर उन्हें “मिस्टर जी” कहकर संबोधित करते थे।
प्राबोवो के आवास पर आने-जाने का दावा
Tempo की रिपोर्ट में डच ऑयल ट्रेडर नील्स ट्रोस्ट के हवाले से कहा गया है कि वर्ष 2022 में वह गौरव श्रीवास्तव के साथ पश्चिम जावा स्थित प्राबोवो सुबियांतो के आवास गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीवास्तव ने दावा किया था कि वह अक्सर प्राबोवो के घर आते-जाते थे और कई बार वहीं ठहरते भी थे।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि श्रीवास्तव ने 2002 के बाली बम धमाकों के आरोपियों की पहचान में सहयोग करने और प्राबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन ब्लैकलिस्ट से हटवाने में भूमिका निभाने जैसी बातें भी कहीं थीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रक्षा सौदों से जुड़े समझौतों का दावा
OCCRP और Tempo की जांच के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के बीच श्रीवास्तव से जुड़ी कंपनियों ने इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय और एक सरकारी रक्षा कंपनी के साथ पांच प्रारंभिक समझौते (Letters of Intent और Memorandum of Understanding) हासिल किए थे।
इन प्रस्तावित सौदों में शामिल थे:
- 36 F-15 फाइटर जेट
- UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर
- C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट
- रक्षा मंत्रालय के लिए जॉइंट ऑपरेशन्स कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांचकर्ताओं ने ऐसी तस्वीरें देखी हैं, जिनमें श्रीवास्तव कथित तौर पर रक्षा समझौतों से जुड़े कार्यक्रमों में इंडोनेशियाई अधिकारियों के साथ मौजूद हैं।
सौदे आगे नहीं बढ़े
रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रारंभिक समझौतों के बावजूद इंडोनेशिया सरकार ने प्रस्तावित रक्षा खरीद में से किसी भी सौदे को अंतिम रूप नहीं दिया।
आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल इन आरोपों पर गौरव श्रीवास्तव, इंडोनेशिया सरकार या अमेरिकी CIA की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को अभी आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है और मामले पर आगे की जांच या आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।
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