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मौनी अमावस्या पर संगम में आस्था का महासैलाब, ‘हर-हर गंगे’ से गूंजी संगम की रेती; दिनभर चलेगा पुण्य स्नान

Published on: January 18, 2026
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जागृत भारत | प्रयागराज(Prayagraj): सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संवाहक प्रयागराज माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। ठंड और कोहरे के बावजूद करोड़ों श्रद्धालु पुण्य की लालसा में त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ते नजर आए।

एक दिन पहले से ही शुरू हो गया था स्नान-दान

मौनी अमावस्या के पुण्य पर्व को लेकर स्नान-दान का क्रम एक दिन पहले ही शुरू हो गया था। मेला प्रशासन के अनुसार, शनिवार को दिनभर में करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। रात 11:53 बजे अमावस्या तिथि लगते ही स्नान का उत्साह और तेज हो गया।

‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से गूंज उठा संगम क्षेत्र

ठंड और घने कोहरे के बीच श्रद्धालु ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगा’ के उद्घोष के साथ संगम पहुंचते रहे। संगम नोज के साथ गंगा के विभिन्न घाटों पर रातभर स्नान चलता रहा। अमावस्या तिथि रविवार रात 1:09 बजे तक रहने के कारण पूरे दिन स्नान जारी रहने की संभावना है।

चतुर्ग्रहीय योग से बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह

इस वर्ष मौनी अमावस्या पर मकर राशि में मंगल, बुध, शुक्र और सूर्य के एक साथ संचार से चतुर्ग्रहीय योग का दुर्लभ संयोग बना है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे अत्यंत पुण्यदायी माना जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मेला प्रशासन का अनुमान है कि करीब चार करोड़ श्रद्धालु इस महास्नान में भाग लेंगे।

मेला क्षेत्र पूरी तरह पैक, पार्किंग और मार्गों पर विशेष इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर से लेकर मेला क्षेत्र तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। शनिवार शाम को जिला स्तर का डायवर्जन प्लान भी प्रभावी कर दिया गया।
देश-विदेश से श्रद्धालु शुक्रवार शाम से ही प्रयागराज पहुंचने लगे थे। शनिवार सुबह से ट्रेनों, रोडवेज बसों, टाटा मैजिक, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए भारी संख्या में लोग मेला क्षेत्र पहुंचे। निजी वाहनों से आने वालों की संख्या सबसे अधिक रही।

कल्पवासी और शिविर भी हुए फुल

रात तक मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे संतों, गृहस्थों और विभिन्न संस्थाओं के शिविर पूरी तरह भर गए। करीब 1.30 लाख वाहनों की क्षमता वाली 42 पार्किंग बनाई गई हैं, जिनमें से अधिकांश शनिवार शाम तक फुल हो गईं। नैनी, झूंसी और फाफामऊ की ओर से श्रद्धालुओं का आना देर रात तक जारी रहा।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट

मौनी अमावस्या के महास्नान को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मेला क्षेत्र में आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। स्नान के बाद श्रद्धालुओं की तेज निकासी के लिए विशेष पुलिस और प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं।

प्रत्येक घाट और प्रमुख स्थलों पर मेडिकल टीमें, एंबुलेंस और आपात सेवाएं मुस्तैद हैं। संगम क्षेत्र में सबसे अधिक एंबुलेंस तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

मेलाधिकारी का बयान

मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री योगी ने दी शुभकामनाएं, खुद रखी निगरानी

मौनी अमावस्या महास्नान पर उमड़ी भारी भीड़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने शनिवार को उच्च अधिकारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं को महास्नान की शुभकामनाएं दीं।


मुख्य सचिव एस.पी. गोयल, डीजीपी राजीव कृष्ण समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में तैनात अफसरों और पुलिस बल को सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। मेला क्षेत्र में करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

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