जागृत भारत | जीवन शैली व स्वास्थ्य(Lifestyle & Health): क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो पिछले कई वर्षों से एक ही ब्रांड का शैम्पू इस्तेमाल कर रहे हैं? आमतौर पर हम यह मान लेते हैं कि अगर कोई शैम्पू हमारे बालों को सूट कर रहा है, तो उसे बदलने की जरूरत ही नहीं है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जो शैम्पू कभी आपके बालों को रेशमी, मुलायम और चमकदार बनाता था, वही अब बालों को रूखा और बेजान छोड़ने लगा है?
अक्सर हम अपनी पसंद की चीजों से इतना जुड़ जाते हैं कि बदलाव से डरने लगते हैं। यही आदत शैम्पू के मामले में भी देखने को मिलती है। जबकि सच्चाई यह है कि लंबे समय तक एक ही शैम्पू का इस्तेमाल बालों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मौसम के साथ बदलती हैं बालों की जरूरतें
जिस तरह मौसम बदलने पर हम अपने कपड़े बदलते हैं, उसी तरह हमारे बालों की जरूरतें भी मौसम के अनुसार बदलती रहती हैं।
गर्मियों में पसीना, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण स्कैल्प ज्यादा ऑयली हो जाता है। ऐसे समय में डीप क्लीनिंग वाले शैम्पू की जरूरत होती है, जो जड़ों से गंदगी और अतिरिक्त तेल को साफ कर सके।
वहीं, सर्दियों में हवा में नमी कम होने से बाल रूखे, बेजान और टूटने लगते हैं। इस मौसम में मॉइस्चराइजिंग और हाइड्रेटिंग शैम्पू ज्यादा फायदेमंद होते हैं। अगर आप पूरे साल एक ही तरह का शैम्पू इस्तेमाल करते हैं, तो बालों को नुकसान पहुंच सकता है।
शैम्पू का ‘प्रोडक्ट बिल्ड-अप’ बन सकता है परेशानी
क्या कभी ऐसा महसूस हुआ है कि बाल धोने के बाद भी वे भारी, चिपचिपे या बेजान लगते हैं? इसका कारण अक्सर ‘प्रोडक्ट बिल्ड-अप’ होता है।
कई शैम्पू और कंडीशनर में सिलिकॉन जैसे तत्व होते हैं, जो बालों पर एक पतली परत बना देते हैं। शुरुआत में यह परत बालों को स्मूद और शाइनी बनाती है, लेकिन लंबे समय तक एक ही प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से यह परत मोटी होती जाती है।
इस बिल्ड-अप के कारण बालों की जड़ें ठीक से सांस नहीं ले पातीं, जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं। समय-समय पर शैम्पू बदलने से यह जमी हुई परत साफ होती है और स्कैल्प फिर से हेल्दी बनता है।
उम्र और लाइफस्टाइल भी बदल देते हैं बालों की बनावट
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, खान-पान, तनाव और हार्मोनल बदलावों का असर बालों पर भी पड़ता है। हो सकता है कि कुछ साल पहले आपके बाल घने और ऑयली हों, लेकिन अब वे पतले, रूखे या झड़ने लगे हों।
ऐसे में पुराना शैम्पू अब आपकी नई जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएगा। बालों की टेक्सचर और स्कैल्प की स्थिति बदलने के साथ-साथ शैम्पू बदलना भी जरूरी हो जाता है।
कब समझें कि अब शैम्पू बदलने का समय आ गया है?
हर बार शैम्पू खत्म होने पर नया ब्रांड खरीदना जरूरी नहीं है, लेकिन बालों के संकेतों को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
अगर बाल धोने के बाद भी खुजली महसूस हो, बाल उलझने लगें, जरूरत से ज्यादा झड़ने लगें या पहले जैसी चमक गायब हो जाए — तो यह साफ संकेत है कि अब बदलाव का वक्त आ चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, साल में कम से कम दो से तीन बार शैम्पू बदलना बालों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। सही शैम्पू चुनने से बाल फिर से मजबूत, चमकदार और जानदार बन सकते हैं।
Disclaimer:
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दिए गए सुझाव किसी भी तरह से चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं हैं। बालों से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
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