जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों, उत्तर पुस्तिकाओं, परीक्षा केंद्रों, संकलन केंद्रों और भंडारण केंद्रों पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए आइजी से लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्तर तक के अधिकारी औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
18 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। परीक्षा से पहले सभी जिलों के जिलाधिकारी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी, जबकि पूरे जनपद को सेक्टर और जोन में विभाजित कर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे।
पुलिस अभिरक्षा में भेजी जाएंगी उत्तर पुस्तिकाएं
परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षा केंद्रों से संकलन केंद्र तक उत्तर पुस्तिकाओं को पुलिस सुरक्षा में भेजा जाएगा। संकलन केंद्र और भंडारण केंद्रों पर भी पुलिस बल की तैनाती रहेगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधित जिला प्रशासन और जिला विद्यालय निरीक्षक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
पुलिस निगरानी में होगा प्रश्नपत्र वितरण
जनपद मुख्यालय से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों का वितरण जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारियों की निगरानी में जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से पुलिस अभिरक्षा में कराया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे।
आला अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण
बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंडलायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।
शासन में सचिव मोहित गुप्ता ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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