जागृत भारत | रोहतक: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और रेप व हत्या के मामलों में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। हरियाणा सरकार ने बुधवार शाम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मंजूर की है। पैरोल के दौरान वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा परिसर में ही रहेगा।
जेल प्रशासन के अनुसार, पैरोल को मंजूरी मिलने के बाद राम रहीम की रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस दौरान उसे तय शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। वह डेरा परिसर से बाहर किसी भी सार्वजनिक या निजी आयोजन में हिस्सा नहीं ले सकेगा। प्रशासन की ओर से उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
8 साल में 15वीं बार जेल से बाहर
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम वर्ष 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। बीते 8 वर्षों में यह 15वीं बार है जब उसे पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। साल 2025 में ही वह तीन बार जेल से बाहर आया था। पिछली बार भी उसे 40 दिनों की पैरोल दी गई थी, और इस बार भी उतनी ही अवधि की राहत मिली है।
पिछले साल भी तीन बार मिली थी राहत
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले राम रहीम को जनवरी 2025 में 30 दिनों की पैरोल और अप्रैल में 21 दिनों की फरलो मिली थी। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर उसे जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
रेप और हत्या के मामले में दोषी
बता दें कि गुरमीत राम रहीम को वर्ष 2017 में दो साध्वियों के साथ बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद (20 साल) की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी दोषी करार दिया जा चुका है। इन गंभीर मामलों के बावजूद उसे अब तक कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है, जिस पर समय-समय पर विवाद भी खड़े होते रहे हैं।
आगरा पुलिस की बर्बरता: ऑटो से थाने न ले जाने पर दूधिए को दी खौफनाक सजा, प्लास से उखाड़े नाखून
➤ You May Also Like

























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































