जागृत भारत | रायबरेली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले एक संगठित अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह मंदिरों से भारी पीतल के बड़े-बड़े घंटे चुराकर उन्हें स्क्रैप और ठठेरी बाजार में बेचने का काम करता था। गिरोह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस अधीक्षक रायबरेली डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में गठित विशेष टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह के सदस्य चोरी का माल लेकर रायबरेली क्षेत्र से गुजर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरोह के कुल 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से मंदिरों को निशाना बना रहे थे। वे रात के समय मंदिरों की रेकी करते और अंधेरे में परिसर में घुसकर पीतल के घंटे उतार ले जाते थे। चोरी के बाद इन घंटों को ठठेरी बाजार या स्क्रैप डीलरों को बेच दिया जाता था, जहां उन्हें पिघलाकर अन्य सामान बनाया जाता था।
लखनऊ में भीषण आग: दूसरी मंजिल से कूदने पर महिला की मौत, पति झुलसा; बेटी सुरक्षित, बेटा खुद निकला बाहर
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 क्विंटल 13 किलो (313 किलोग्राम) पीतल के घंटे बरामद किए हैं, जो विभिन्न आकार के हैं और कई मंदिरों से चोरी किए गए थे। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार, संभावित वाहन और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह गिरोह लंबे समय से मंदिरों को निशाना बनाकर संगठित अपराध कर रहा था। मुखबिर सूचना और पुलिस टीम की सतर्कता से यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों और चोरी गए घंटों के बारे में भी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
एसपी ने आम जनता से अपील की है कि मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थलों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। ऐसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भाजपा युवा मोर्चा के मंडल महामंत्री की सड़क हादसे में मौत, कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे लखनऊ
➤ You May Also Like

























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































